लगता है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस वर्ष का सिंहस्थ कुंभ बहुत भारी पड़ने वाला है। कांग्रेस ने इस सिंहस्थ में बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने खर्चों को लेकर सारे आंकड़े मीडिया के सामने रखे हैं और इन खर्चों पर एक सरसरी नजर डालने से ही गड़बड़ियों की बू आने लगती है।
भारत की सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी इन्फोसिस का मुनाफा नए ग्राहकों की संख्या बढ़ने से जून में समाप्त तिमाही के दौरान 13 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन कंपनी के सालाना कारोबार वृद्धि के अनुमान में कटौती से इसके शेयर में गिरावट देखी गई।
इंडियाबुल्स ग्रुप पर आयकर विभाग का बड़ा छापा पड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में ग्रुप के प्रोमोटरों और दफ्तरों पर आयकर विभाग के छापे पड़ रहे हैं।अलग-अलग जगहों पर जारी छापों में विभाग के करीब 1000 अधिकारी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ग्रुप के प्रोमोटरों के बीच हुए बंटवारे को लेकर गड़बडिय़ां सामने आई हैं। इसी वजह से यह छापे पड़ रहे हैं।
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने 400 करोड़ रूपये के कथित वाटर टैंकर घोटाला मामले में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने को कहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया।
उत्तर प्रदेश में शीला दीक्षित कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार होंगी। राज बब्बर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद सौंपने के दो दिन बाद पार्टी ने आज शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया।
भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ डीडीसीए घोटाले पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पर जमकर निशाना साधा है। आजाद ने कहा कि 'दिल्ली हाई कोर्ट और मुद्गल कमेटी ने वही सब कहा जो मैंने डीडीसीए पर आरोप लगाया था। अब क्यों नहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली को तिहाड़ जेल के अंदर होना चाहिए'।
कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच में सीबीआई के तत्कालीन निदेशक रंजीत सिन्हा द्वारा अड़ंगे लगाने के आरोपों की छानबीन के लिए शीर्ष न्यायालय की ओर से गठित एम.एल. शर्मा समिति ने सिन्हा को मामले में दोषी ठहराया है और कहा है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया जांच को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
यूरोपीय यूनियन से अलग होने के लिए इंग्लैंड में कराए गए जनमत संग्रह के कई प्रभाव दिखने लगे हैं। दुनिया भर में शेयर मार्केट लुढ़क रहे हैं। वैश्विकरण की चूलें हिलने की बातें उठ रही हैं। लेकिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पब्लिक लॉ के प्रोफेसर और हाउस ऑफ लॉड्सर् में संविधान पर स्थाई समिति के कानून सलाहकार मार्क इलियट के अनुसार, तकनीकी तौर पर अगले दो साल तक इंग्लैंड और यूरोपीय यूनियन की स्थितियों में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।