Advertisement

Search Result : "वर्तमान सफलता"

असम चुनाव: भाजपा का दृष्टिपत्र जारी, घुसपैठ पर लगाम का वादा

असम चुनाव: भाजपा का दृष्टिपत्र जारी, घुसपैठ पर लगाम का वादा

असम विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को पार्टी का दृष्टिपत्र जारी किया। अपने दृष्टिपत्र में भाजपा ने वर्तमान मुख्यमंत्री तरुण गोगोई पर घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इसे रोकने का वादा किया है।
पाक को हमने जिस पिंजरे में डाला, उसे मोदी ने खोल दिया: राहुल

पाक को हमने जिस पिंजरे में डाला, उसे मोदी ने खोल दिया: राहुल

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लेते हुए उन पर आरोप लगाया कि संप्रग सरकार ने आतंकवाद का प्रसार करने वाले जिस पाकिस्तान को दुनिया भर में अलग थलग कर एक पिंजरे में डाल दिया था उसे वर्तमान प्रधानमंत्री ने पिंजरे से निकाल दिया।
मन की बात: बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को पीएम ने किया प्रोत्साहित

मन की बात: बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को पीएम ने किया प्रोत्साहित

दसवीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अनुशासन सफलता को मजबूत बनाने की आधार शिला है इसलिए छात्रों को दूसरों से स्पर्धा करने की बजाय खुद से स्पर्धा करनी चाहिए और आशाओं के बोझ के नीचे दबने की बजाए अपना लक्ष्य खुद निर्धारित करना चाहिए। रेडियो पर मन की बात करते हुए पीएम मोदी छात्रों को पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुल्कर का संदेश भी सुनवाया।
सुपर-30 की सफलता पर जल्द ही आएगी किताब

सुपर-30 की सफलता पर जल्द ही आएगी किताब

समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 30 विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रतिवर्ष भेजने वाले सुपर-30 की सफलता की कहानी जल्द ही एक किताब के रूप में प्रकाशित होकर लोगों के सामने आएगी। भारतीय मूल के डॉक्टर और मनोचिकित्सक डॉ. बीजू मेथ्यू सुपर-30 की सफलता पर करीब 250 पन्नों और छह से सात अध्याय वाली एक किताब लिख रहे हैं, जो कि लगभग दो से तीन माह में बिक्री के लिए बाजार में आ जाएगी। इसे पेन्गुइन बुक्स और रेंडम हाउस द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।
इतिहास को इतिहास की तरह देखिए

इतिहास को इतिहास की तरह देखिए

संतरा संतरा है और अमरूद अमरूद। संतरे में अमरूद का स्वाद और तासीर तलाशें तो यह संतरे के साथ अन्याय है। इसी तरह अगर अमरूद में संतरे का स्वाद और तासीर तलाशें तो यह अमरूद के साथ अन्याय है। संतरे को संतरे की तरह ही खाइए और अमरूद को अमरूद की तरह।
आईआईएफटी प्रवेश परीक्षा में कैसे पाएं सफलता

आईआईएफटी प्रवेश परीक्षा में कैसे पाएं सफलता

22 नवंबर को होने जा रही आईआईएफटी (इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ फॉरेन ट्रेड) की प्रवेश परीक्षा में हजारों अभ्यर्थी भाग लेने जा रहे हैं लेकिन सबसे बड़ी कठिनाई कट-ऑफ लिस्ट को लेकर होती है। पिछले तीन साल के दौरान कट-ऑफ 48 से 36 के बीच रही है। ऐसे में छात्रों के सामने सबसे मुश्किल होता है कि अगर कट-ऑफ निकाल भी लिया तो अगले चरण में कैसे सफल हो यह मुश्किल हो जाता है।
असुरक्षा से आती सफलता

असुरक्षा से आती सफलता

मकबूल, लाइफ इन ए मेट्रो, द नेमसेक, द लंच बॉक्स, जुरासिक वल्र्ड और लाइफ इन पाई जैसी फिल्मों में काम करने वाले इरफान खान हाल ही में तलवार में एक पुलिस अफसर की भूमिका में छाए हुए हैं। आने वाली फिल्म जज्बा में भी ऐश्वर्या राय के साथ नजर आएंगे।
खोदा पहाड़ निकली सफलता

खोदा पहाड़ निकली सफलता

बजरंगी भाईजान फिल्म में पाकिस्तानी पत्रकार चांद नवाब की भूमिका के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी स्टार हो गए हैं। एक लंबे संघर्ष के बाद फिल्म उद्योग ने उन्हें सितारा हैसियत दे ही दी। लंच बॉक्स, पान सिंह तोमर में उन्होंने दर्शकों को प्रभावित किया था। अब अगले महीने उनकी फिल्म मांझी-द माउंटेनमैन आने वाली है। केतन मेहता की इस फिल्म का सभी को बेसब्री से इंतजार है।
कहानी: श्री कृष्ण उवाच

कहानी: श्री कृष्ण उवाच

दक्षिणेश्वर (कोलकाता) में जन्म। कोलकाता से बी. कॉम. एडवांस एकाउन्ट्स में प्रथम श्रेणी में आनर्स। रांची से एल.एल.बी। मुख्य धारा की सभी पत्रिकाओं में लगभग तीस कहानियां प्रकाशित। बीज नाम से एक कथा संग्रह। वर्तमान साहित्य का कृष्ण प्रताप स्मृति सम्मान। फिलवक्त आसनसोल, पश्चिम बंगाल में निवास और स्वतंत्र लेखन।
सिनेमा का इतिहास और वर्तमान

सिनेमा का इतिहास और वर्तमान

हिंदी में सिनेमा के इतिहास पर सबसे नई पुस्तक है - समय, सिनेमा और इतिहास। हिंदी सिनेमा के सौ साल पूरे होने पर जश्न तो कई हुए, अखबारों, पत्रिकाओं में कई अहम विशेषांक भी निकले लेकिन पुस्तक के रूप में बॉलीवुड के इतिहास को नए तरीके से समेटने का काम कम हुआ। कुछ देर से ही सही, लेकिन संजीव श्रीवास्तव की यह पुस्तक इस मायने में काफी सराहनीय है। पुस्तक में शामिल सौ साल से अधिक के हिंदी सिनेमा की बड़ी तस्वीरें, व्यक्ति और समाज की अनुभूति और अभिव्यक्ति की बहुरंगी भाव-भंगिमाओं को विविघता से संजोए हुए हैं। यहां व्यावसायिकता की चकाचौंध है, तो कला की प्रांजलता भी। बाजार के दबाव और समझौते की कहानियां हैं तो प्रतिबद सामाजिक सरोकार के नजीर भी हैं।
Advertisement
Advertisement
Advertisement