निरंकारी बाबा हरदेव सिंह का शुक्रवार को कनाडा में एक सड़क हादसे में निधन हो गया। बाबा के निधन से देश-दुनिया में मौजूद उनके तमाम भक्तों में शोक की लहर है।
दिल्ली विश्वविद्यालय आज छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में अपने समकक्ष छात्रों का समर्थन कर रहे छात्रों के एक समूह के बीच झड़प का गवाह बना। यह समूह देशद्रोह के मामले में जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन कर रहा था।
डेंगू के डंक ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी प्रताप पहलवान कबलाना को ऐसा चित किया कि वह जिंदगी की बाजी ही हार गया। पहलवान का इलाज गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। पहलवान की मौत से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है।
देश को मिसाइल और अंतरिक्ष तकनीक के मामले में आत्मनिर्भर बनाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक और भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. अबुल पाकिर जैनुलआबेदिन अब्दुल कलाम का 27 जुलाई को 84 वर्ष की उम्र में मेघालय की राजधानी शिलांग में निधन हो गया।
भाजपा के दिल्ली में धूल-धूसरित होने के कई कारण हैं। 16 मई से चले आ रहे जीतों के सिलसिले का घमंड जिस तरह से पार्टी को बदज़बान, निरंकुश और अतिवादी बनाता जा रहा था, उसमें दिल्ली के दरवाज़े पर कई दस्तकें न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनाई दे रही थीं और न ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को। पार्टी के मतांध नेतृत्व की एक के बाद एक ग़लती दो मोर्चों की लड़ाई को एकतरफा हवा में तब्दील करती चली गई और प्रबंधन से लेकर लहर तक के सारे दावे धूल हो गए।
क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ पर ब्रेक लग जाएगा। अगर एग्जिट पोल पर भरोसा करें तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती दिख रही है।