भारत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में आज आठ विकेट पर 308 रन बनाए। पहले वनडे में शतक जमाने वाले रोहित शर्मा ने 124 और अजिंक्य रहाणे ने 89 रन की पारी खेली।
एक बार फिर रोहित शर्मा का शतक और अजिंक्य रहाणे की जुझारू पारी बेकार चली गई। भारत के दिए 309 रन के लक्ष्य को ऑस्ट्रेलिया ने सात विकेट और छह गेंद रहते पूरा कर लिया। शृंखला में ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे हो गया है।
पर्थ के वाका मैदान पर शतक बनाकर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा ने कई रिकॉर्ड बनाए हैं। उनकी 171 रनों की नाबाद पारी की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने पहले वनडे मैच में 310 रनों का लक्ष्य रखा। यह रोहित के करियर का 9वां शतक और पर्थ में किसी भी भारतीय बल्लेबाज का एकदिवसीय मैचों में पहला शतक है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला भारत के लिए सही रहा लेकिन जीत के लिहाज से शुभ नहीं। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (171) और विराट कोहली (91) की दमदार पारी की बदौलत भारत ने तीन विकेट खोकर 309 रन बना लिए। लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर जुझारू पारी खेलकर दिखा दिया कि किसी भी टीम के लिए उसकी जमीन पर हराना उतना आसान नहीं है। ऑस्ट्रेलिया ने चार गेंद रहते पांच विकेट से यह मैच जीत लिया।
भारत के परमाणु कार्यक्रमों के खिलाफ परमाणु रिएक्टर के खराब डिजाइन और खराब सुरक्षा तंत्र के गंभीर आरोप लगे हैं। लेकिन परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख शेखर बसु ने यह कहते हुए इन आरोपों को नकार दिया कि यह देश के विकास को रोकने या विलंबित करने का 'सोचा-समझा एजेंडा' है।
दिलवाले सच में दिलवालों की फिल्म है। इतना झेलने के लिए बड़ा दिल चाहिए। काली बनाम राज (शाहरूख खान) और राज बनाम काली के बीच चलती इस फिल्म में मीरा (काजोल), वीर (वरुण धवन) और इशिता (श्रुति सेनन) हैं। गोवा में फिल्म शुरू होकर बुल्गारिया में फ्लैश बैक में पहुंच जाती है। फिर गोवा और हैप्पी एंडिंग।
भारत ने अपेक्षाकृत कम स्कोर पर आउट होने के बाद दक्षिण अफ्रीका को भी दो झटके देकर तीसरे टेस्ट क्रिकेट मैच को शुरूआती दिन रोमांचक स्थिति में पहुंचा दिया। पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारत की पूरी टीम 78.2 ओवर में 215 रन पर आउट हो गई। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही और उसने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक नौ ओवर में 11 रन पर दो विकेट गंवा दिए।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कल चेन्नई में होने वाला चौथा एकदिवसीय मैच कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए कई मोर्चों पर चुनौतीपूर्ण साबित होगा। अपने कॅरिअर के सबसे उलझन भरे दौर से गुजर रहे धोनी को तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम क्या रखा जाए और किन गेंदबाजों के दम पर शृंखला के इस कठिन दौर से उबरा जाए क्योंकि ज्यादातर बल्लेबाज आउट ऑफ फॉर्म चल रहे हैं और भारतीय गेंदबाजी की अपनी मुश्किलें हैं।
दिलवाले दुलहनिया ले जाएंगे को आए कितने साल बीत गए। पूरे 20 साल जी। शाहरूख-काजोल की यह जोड़ी आज तक वहीं पर खड़ी है। जब भी दोनों की बात होती है इस फिल्म की चर्चा जरूरी होती है।