पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 4 फरवरी को मतदान है। इन दिनों राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं को वोटरों के रिझाने के लिए पूरा जोर लगाने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस ने अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मनमोहन सिंह स्टार प्रचारक में शामिल हैं, जबकि प्रियंका गांधी का नाम नहीं हैं। हालांकि, गुरुवार को ही अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में मीडिया से बातचीत में साफ कर दिया था कि प्रियंका गांधी पंजाब में प्रचार नहीं करेंगी।
गोवा विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए बगैर भाजपा ने आज 29 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की सूची जारी की जिनमें 17 निवर्तमान विधायक हैं।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनावों में कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है लेकिन पिछले एक दशक से प्रमुख राजनीतिक दल चुनावी चंदे के रूप में मिली नकदी की घोषणा करने से बचते रहे हैं। यूं कहें कि राजनीतिक दल डिजिटल लेनदेन से परहेज करते आ रहे हैं। पिछले एक दशक में इन दलों ने चुनावों के लिए 63 फीसदी चंदा नकद ही लिया है।
पंजाब चुनावों के लिए कांग्रेस में उम्मीदवारों के चयन में परिवार की राजनीति ही हावी रही जिसमें सीटें राजनीतिक परिवारों की अगली पीढ़ियों को गयीं या वृद्ध नेताओं ने अपने या अपने परिजनों को उम्मीदवार बनाने के लिए दबाव बनाया।
देश की 7 राष्ट्रीय पार्टियों को वर्ष 2015-16 में 20,000 रुपये से अधिक की लिमिट में 102 करोड़ का चंदा मिला है। 1,744 चंदे से यह राशि मिली है। सबसे अधिक चंदा भाजपा को मिला है। 613 दानदाताओं ने भाजपा को कुल 76 करोड़ रुपये चंदा दिया है।
क्यूबा के दिवंगत नेता फिदेल कास्त्रो को श्रद्धांजलि देते हुए भारत ने कहा कि बाहरी दबाव के बावजूद उनके नेतृत्व में क्यूबा ने शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की और ग्लोबल साउथ (तीसरी दुनिया) के लिए हवाना के संघर्ष ने उसे और कैरेबियाई द्वीप देश को एक साथ ला दिया।
निर्वाचन आयोग ऐसे 200 से अधिक दलों के वित्तीय मामलों की जांच करने के लिए आयकर अधिकारियों को पत्र लिखने वाला है, जिन्हें उसने चुनाव न लड़ने के कारण सूची से बाहर किया है। आयोग ने बीते कुछ समय में ऐसे विभिन्न दलों की पहचान की है, जिन्होंने वर्ष 2005 से चुनाव नहीं लड़ा है। आयोग ने ऐसे 200 से अधिक दलों को सूची से बाहर किया है।
चुनाव आयोग ने चंदे के लिए महज कागजों में चलने वाले 200 राजनीतिक दलों की सूची तैयार की है। आयोग इन पर कार्रवाई करेगा। आयोग इनकी मान्यता रद्द करने की तैयारी में है। आयोग को संदेह है कि इन पार्टियों का इस्तेमाल मनी लॉन्डरिंग के लिए हो रहा है, इसलिए वह इनके बारे में जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भी भेजेगा ताकि वह आगे की कार्रवाई कर सके।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज कहा कि सरकार कर राहत का लाभ ले रहे राजनीतिक दलों के लिए एक सीमा तय करने की योजना पर विचार कर रही है ताकि चुनाव नहीं लड़ने वाले ऐसे संगठनों द्वारा धन शोधन पर रोक लगाई जा सके।