ब्रिटेन की संसद ने ब्रेग्जिट विधेयक पारित करते हुए प्रधानमंत्री टेरीजा मे के लिए यूरोपीय संघ से ब्रिटेन की निकासी पर बातचीत शुरू करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
टाटा संस द्वारा साइरस मिस्त्री को टाटा स्टील के निदेशक पद से हटाने के प्रयासों के बीच मिस्त्री ने कंपनी के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका और खास कर कंपनी के घाटे में चल रहे यूरोपीय कारोबार से निपटने के अपने तरीके का बचाव किया।
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन ने यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के लिए जनमत संग्रह कराने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि कुछ मुद्दे संसद से ऊपर चले जाते हैं और इन मुद्दों पर जनता की राय नहीं लेना बड़ी समस्या है।
भारत आने वाले दिनों में पानी की गंभीर समस्या का सामना करने के कगार पर है। देश में इस समय पानी की उपलब्धता का जो हाल है उस पर केंद्रीय जल ससाधन मंत्री उमा भारती का कहना है कि भारत दुनिया के पानी की कमी वाले देशों में शुमार होने के बिल्कुल करीब है।
रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पश्चिम एशिया से यूरोपीय शहरों तक कहर बरसाने वाले इस्लामिक स्टेट की स्थापना की है।
नॉर्वे, स्वीटजरलैंड और यूरोपीय समुदाय के 28 देशों में शरण मांगने वालों की संख्या 2015 में 13 लाख पार कर गई। 1992 से यह संख्या लगभग दोगुनी है, जब सोवियत संध के पतन के बाद सात लाख लोगों ने शरण मांगी थी। यूरोपीय समुदाय की स्टैटिकल एजेंसी यूरोस्टार्ट ने आंकड़े जारी किए हैं। शरणार्थी तीन देशों से हैं- सीरिया, अफगानिस्तान और इराक। तीनों ही मुल्कों में अरसे से संघर्ष चल रहे हैं। इन देशों से लोग हजारों की संख्या में बेदखल हो रहे हैं और यूरोपीय देशों में शरण मांग रहे हैं।
ब्रिटेन सरकार की यूरोपीय संघ से निकलने की प्रक्रिया की शुरुआत कानूनी चुनौतियों से घिर गई है। एक विधि कंपनी ने घोषणा की है कि संसदीय अधिनियम के बिना इस प्रक्रिया को शुरू नहीं किया जा सकता।
ब्रिटेन के मतदाताओं के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के निर्णय के बाद पैदा हुई आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता के बीच पाउंड सोमवार को डॉलर के मुकाबले लगभग 31 साल के निचले स्तर पर आ गया।
यूरोपीय यूनियन से अलग होने के लिए इंग्लैंड में कराए गए जनमत संग्रह के कई प्रभाव दिखने लगे हैं। दुनिया भर में शेयर मार्केट लुढ़क रहे हैं। वैश्विकरण की चूलें हिलने की बातें उठ रही हैं। लेकिन कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पब्लिक लॉ के प्रोफेसर और हाउस ऑफ लॉड्सर् में संविधान पर स्थाई समिति के कानून सलाहकार मार्क इलियट के अनुसार, तकनीकी तौर पर अगले दो साल तक इंग्लैंड और यूरोपीय यूनियन की स्थितियों में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।