पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती आज दोपहर को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात सरकार बनाने का दावा पेश करेंगी। पीडीपी नेता के साथ राज्य के भाजपा नेता भी होंगे।
लंबे अर्से से जारी गतिरोध खत्म होने का साथ ही जम्मू कश्मीर में सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती सईद की बेटी महबूबा मुफ्ती को आज सर्वसम्मति से पीडीपी विधायक दल ने अपना नेता चुन लिया। साथ ही पार्टी ने महबूबा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया।
जम्मू-कश्मीर में सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध समाप्त होने के संकेत हैं। पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उसके बाद उन्होंने कहा कि वह इस भेंट से पूरी तरह संतुष्ट हैं। हालांकि उन्होंने तत्काल सरकार गठन के बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया मगर पीडीपी और भाजपा के अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि होली के बाद राज्य में सरकार का गठन हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर में सरकार बनना हो या पाकिस्तान के साथ संबंध या सूफी सम्मेलन, भाजपा सरकार जोर-शोर से पांच कदम आगे बढ़ाती है। कुछ घंटे या कुछ दिन-सप्ताह बाद उसी पार्टी और सरकार के दो कदम पीछे जाते दिखाई देते हैं। यह लुकाछिपी के खेल जैसा है।
‘ संसद एक मरकज अदारा है लेकिन वहां बैठे लोग नफरत उगल रहे हैं। खासकर मुस्लिम अकिलियत के खिलाफ। साल भर से आग उगलने का यह सिलसिला जारी है और सरकार मुंह में बताशा डालकर बैठी है। इसका मतलब समझा सकता है। लेकिन इस देश में धर्मनिरपेक्षता का दस्तूर जारी रखने के लिए हम मैदान में आए हैं। इसके लिए 12 मार्च को दिल्ली में लगभग 40,000 हिंदू, मुसलमान, दलित और ईसाई धर्म के लोग इक्ट्ठा होकर अमन का पैगाम देंगे।‘ यह कहना है जमीअत-उलमा-ए-हिंद के सदर मौलाना सईद अरशद मदनी का।
महिला विधायकों, सांसदों, नेत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में जोरदार तालियां बजी, हंसी-खुशी दिखाई दी, राष्ट्रपति-अपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष सहित मंत्रियों, मुख्यमत्रियों, विशेषज्ञों के शानदार भाषण हुए। महिला सशक्तिकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर महिला नेताओं द्वारा अपने अधिकारों के दृढ़तापूर्वक उपयोग एवं समाज में व्यापक बदलाव में अहम भूमिका निभाने की अपील की गई।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को राज्य में कारगर शासन के लिए माहौल पैदा करने की खातिर निर्णायक विश्वास बहाली के कदम उठाने चाहिए। जम्मू के सांबा जिले में पीडीपी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए महबूबा ने कहा कि केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर तक पहुंचना है ताकि हताशा और अलगाव के अंधकारमय परिदृश्य को समाप्त किया जा सके क्योंकि सही राजनैतिक, आर्थिक और सुरक्षा चिंताएं सत्ता की राजनीति से आगे जाती हैं। महबूबा ने कहा, शांति और स्थिरता विकास और कारगर शासन के लिए पूर्व शर्त हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यह दावा कर राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया कि जेएनयू में पिछले दिनों संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में हुए कार्यक्रम को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का समर्थन मिला था। राजनाथ के बयान के तुरंत बाद विपक्षी पार्टियों ने मांग की कि गृह मंत्री जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम को लेकर किए गए अपने दावे को साबित करने के लिए सबूत दें।
पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने आज बताया कि उसके आकाओं ने उससे कहा था कि 26/11 के मुंबई हमले के मामले में जकी उर रहमान लखवी और हाफिज सईद के खिलाफ कुछ नहीं होगा। हेडली ने यह भी दावा किया कि उसे बताया गया था कि उनके और लश्कर के अन्य सदस्यों के खिलाफ पाकिस्तानी संघीय जांच एजेंसी की कार्रवाई दिखावटी है।