राजस्थान सरकार ने प्रभारी मंत्रियों को भले ही बाढ़ प्रभावित जिलों में भेज दिया हो, मगर वे भी इस आपदा से प्रभावित लोगों की सीमित मात्रा में ही मदद का आश्वासन दे पा रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश के चलते देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। हिमाचार प्रदेश में बारिश के कारण फिर से भूस्खलन हुआ। असम में भी बाढ़ के हालात गंभीर बने हुए हैं और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में रविवार को भी बारिश जारी रही। गुजरात के मोरबी जिले के टनकारा तालुका में अधिक बारिश होने से कई डैम में जलस्तर बढ़ गया जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राजस्थान के जोधपुर में मूसलाधार बारिश से दोपहिया वाहन सड़कों पर तैरते नजर आए। लोगों ने दुकानें नहीं खोली और घरों में कैद रहे। मानसून की पहली बारिश में सड़कों पर नदी नालों की तरह पानी बहा। इसमें बहती गाड़ियों को पकड़ने के लिए लोग मशक्कत करते रहे।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में रमजान के पाक महीने में एक टीवी चैनल के पत्रकारों के पानी पीने पर उनकी पिटाई कर दी गई। ये वाकया उस दौरान हुआ जब पत्रकारों की टीम एक इवेंट कवर करने के लिए मस्जिद में गई थी, जहां उन पर हमला किया गया।
श्रीलंका में मूसलाधार बारिश के बाद आई भारी बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 91 लोगों के मरने जबकि 110 लोगों के लापता होने की खबर है। साल 1970 के बाद यह अब तक की सबसे भयानक प्राकृतिक आपदा है। श्रीलंका में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए आईएनएस किर्च को कोलंबो की ओर रवाना कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का फैसला किया है, जब भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेगा।