विधि आयोग ने ज्यादा मजबूत चुनाव आयोग की वकालत की है जिसमें उसके सभी सदस्यों को समान संवैधानिक सुरक्षा हासिल हो और मुख्य चुनाव आयुक्त एवं दो चुनाव आयुक्तों का चयन उच्च शक्ति प्राप्त चयन मंडल करे।
आम आदमी पार्टी में नित नए खुलासे हो रहे हैं। पार्टी झाड़ू की तीलियों की तरह बिखरती नजर आ रही है। कई आम लोग बोल रहे हैं मुद्दत बाद सोचा था कि कोई काम करेगा। गली-कूचों से लेकर सोशल मीडिया तक आप-आप हो रहा है। फेसबुक पर आप को लेकर बुद्धिजीवियों और आम लोगों ने अपनी राय रखी है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक लोकसभा में पारित हो गया है, हालांकि भारी विरोध को देखते हुए मोदी सरकार सहमति, मुआवजे और निजी क्षेत्र के लिए अधिग्रहण के प्रावधानों पर थोड़ी नरम पड़ी। अब गेंद राज्य सभा के पाले में है। जहां विपक्ष का बहुमत है। विपक्ष और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के शिवसेना जैसे सहयोगी, विधेयक के विरोध की जमीन पर बने रहें चाहें तो आपसी सहमति अथवा दोनों पक्षों की थोड़ी नरमी से विधेयक पारित हो जाए। इस मसले पर कई मत हैं। थोड़े और संशोधनों के पक्षधर तो कुछ इस विधेयक को पूरी तरह नकार देने के। भाजपा की विचारधारा वाले के. एन. गोविंदाचार्य भी इस मसले पर भाजपा सरकार से अलग राय रखते हैं। अण्णा हजारे और उनके सहयोगी संगठनों को मोदी सरकार की नई भूमि अधिग्रहण नीति के विरोध में गोलबंदी के लिए प्रेरित करने में गोविंदाचार्य ने अहम भूमिका निभाई है।
आम आदमी पार्टी में बुधवार को उस समय संकट और गहरा गया जब पार्टी की वरष्ठि नेता अंजलि दमानिया ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। आप में जारी विवाद के क्रम में दमानिया ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल से कथित तौर पर संबंधित एक ऑडियो टेप आने के बाद पार्टी छोड़ने की घोषणा की है।
आम आदमी पार्टी में चल रहे मौजूदा विवाद के बीच अण्णा की टीम के पूर्व सदस्य मुफ्ती शमून कासमी ने कहा है कि उन्होंने जब पारदर्शिता और इंडिया अगेंस्ट करप्शन को मिलने वाले चंदे का मामला उठाया था तो अरविन्द केजरीवाल ने उन्हें भी अण्णा की टीम से बाहर निकलवा दिया था।
समाजवादी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को समाजवादी विचारधारा और अनुशासन का पाठ पढ़ाने के लिए अब प्रशिक्षण शिविर का आयोजन करने जा रही है। समाजवादी पार्टी का यह प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर होगा।
प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव की आम आदमी पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) से छुट्टी के बावजूद पार्टी का आंतरिक संकट खत्म होता नहीं दिख रहा। इस बार महाराष्ट्र से पार्टी के बड़े नेता मयंक गांधी ने सीधे अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है।
आप में चल रही आंतरिक कलह के बीच पार्टी के राजनीतिक विरोधियों ने आज कहा कि पार्टी का यह दावा कि वह अलग तरह का दल है गलत साबित हो गया है। विपक्षियों का कहना है कि वह भी किसी भी अन्य राजनीतिक संगठन की तरह व्यक्ति केन्द्रित संचालन से जूझ रही है।
आम आदमी पार्टी (आप) के भीतरी कलह अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बढ़ती अंतर्कलह से आहत अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को पार्टी के संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे में लिखा है कि वह केवल दिल्ली पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए ही यह कदम उठाया है, क्योंकि दोनों जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।