देश भर में आज पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाया गया और सड़कें-गलियां रंगों से सराबोर रहीं। चारों ओर रंगों से पुते चेहरे नजर आए और बच्चों ने छतों से दूसरों पर पानी से भरे गुब्बारे फेंके। लोगों ने एक-दूसरे को होली मुबारक कहते हुए गले लगाया और ढोल-नगाड़ों की आवाज पर ठुमके भी लगाए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी बूढ़े हो चले हैं। उनकी अच्छे दिन वाली पिक्चर भी फ्लॉप हो गई है। अब वह देखने को नहीं मिलेगी। हम युवाओं की सरकार बनाएंगे। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी ने अगर वादों को पूरा कर दिया होता तो इतने रोड शो नहीं करने पड़ते।
रियो ओलिंपिक में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली महिला रेसलर साक्षी मलिक हरियाणा सरकार से नाराज हैं। साक्षी ने ट्वीट कर सरकार के प्रति यह नाराजगी जाहिर की है। साक्षी ने कहा कि मेडल का वादा मैंने पूरा किया, हरियाणा सरकार अपना वादा कब पूरा करेगी। साथ ही उसने सवाल किया कि मेरे पदक जीतने के बाद हरियाणा सरकार की ओर से की गईं सारी घोषणाएं क्या सिर्फ मीडिया के लिए थी? रेसलर ने इस ट्वीट में सीएमओ ऑफिस, हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज और केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल को टैग किया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला तेज करते हुए बनारस का बेटा वाली टिप्पणी के लिए उन्हें आड़े हाथों लिया। राहुल ने कहा कि रिश्ता जताने से नहीं बल्कि निभाने से पूरा होता है।
सरकार ने अपने ढाई साल से अधिक के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर पिछले 70 साल में घोषणाओं को ईमानदारी से पूरा नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि देश के गरीबों, वंचितों और किसानों के हित में घोषणाओं को पूरा करने के लिए दृढ़संकल्प और 56 इंच का सीना चाहिए।
केंद्र द्वारा जल्लीकट्टू अध्यादेश को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि तमिलनाडु की जनता की सांस्कृतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नये करेंसी नोटों की तंगी झेल रहे बैंकों में गुरुवार को वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को उस समय निराशा हुई जब उन्हें लंबी प्रतीक्षा के बाद तय सीमा से कम नकदी ही उपलब्ध हो पाई। शाखाओं पर उमड़े खाताधारकों को शांत करने के लिये बैंक अपने पास उपलब्ध नकदी के अनुरूप थोड़ी थोड़ी राशि ही उपलब्ध करा पा रहे हैं।
लेखक और नेता शशि थरूर ने कहा कि ब्रिटिश शासनकाल में भारत के लोगों पर जो भीषण अपराध किए गए, भारत को दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक बनाने वाले ब्रिटिशों द्वारा किसी भी तरह की क्षतिपूर्ति उसकी भरपायी नहीं कर सकती।