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महागठबंधन के उम्‍मीदवारों का ऐलान, यादव-मुस्लिम पर दांव

महागठबंधन के उम्‍मीदवारों का ऐलान, यादव-मुस्लिम पर दांव

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बने महागठबंधन ने अपने 242 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दोनों बेटों को चुनावी मैदान में उतारा है। उनका बड़ा बेटा तेज प्रताप महुआ से और छोटा बेटे तेजस्वी राघोपुर से चुनाव लड़ेगा। गठबंधन ने सबसे ज्‍यादा 134 ओबीसी उम्‍मीदारों को टिकट दिया है। इसके बाद 40 एससी-एसटी, 39 सामान्‍य और 33 मुस्लिम उम्‍मीदवारों को आजमाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, 243 में से 242 सीटों पर महागठबंधन के उम्‍मीदवारों को ऐलान हो गया है और लेकिन एक सीट पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
सज चुका है बिहार के चुनावी महाभारत का मैदान

सज चुका है बिहार के चुनावी महाभारत का मैदान

बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए होने जा रहे चुनावी महाभारत के लिए मैदान तकरीबन सज चुका है। एक दूसरे को शिकस्त देने के इरादे से दोनों राजनीतिक गठबंधन अपने सेनापतियों के साथ आमने सामने डट गए हैं। तीसरी ताकत के नाम पर कुछ महारथी खुद के जीतने के लिए नहीं बल्कि किसी और को हराने और किसी और की जीत में मददगार साबित होने की रणनीति के तहत अगल बगल से या फिर नेपथ्य में रह कर भी इस चुनावी महाभारत में अपनी भूमिका के लिए उद्धत हैं।
बिहार चुनाव: महागठबंधन में हो गया सीटों का बंटवारा

बिहार चुनाव: महागठबंधन में हो गया सीटों का बंटवारा

बिहार में राजद-जदयू-कांग्रेस महागठबंधन ने उन सीटों की घोषणा कर दी जिनपर अलग-अलग तीनों पार्टियां चुनाव लड़ेंगी। कुल 243 सीटों में अब राजद और जदयू 101-101 और कांग्रेस 41 सीटों पर लड़ेगी। पटना में तीनों दलों के संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी गई है।
महागठबंधन में फूट: रघुनाथ झा ने राजद छोड़ा, सपा में शामिल

महागठबंधन में फूट: रघुनाथ झा ने राजद छोड़ा, सपा में शामिल

बेतिया से सांसद रहे झा ने राजद छोड़ सपा में जाने की घोषणा करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की कीमत पर परिवार की राजनीति में संलिप्त रहने के आरोप लगाया।
फिर टूटा जनता परिवार, सपा अकेले लड़ेगी बिहार चुनाव

फिर टूटा जनता परिवार, सपा अकेले लड़ेगी बिहार चुनाव

जनता परिवार को एकजुट करने की मुहिम बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गई। समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रीय जनता दल और जनता दल यूनाइटेड से नाता तोड़ते हुए बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने की तैयारी कर ली है। पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने इसकी घोषणा भी कर दी।
स्‍वाभिमान रैली में निशाने पर रही मोदी की 'शोबाजी'

स्‍वाभिमान रैली में निशाने पर रही मोदी की 'शोबाजी'

पटना के गांधी मैदान में आज जदयू-राजद और कांग्रेस के महागठबंधन की एक बड़ी रैली हुई। इस मौके पर कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी के साथ-साथ नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और शिवपाल यादव ने मोदी सरकार की शोबाजी और बयानबाजी पर जमकर प्रहार किए।
सपा के दबाव में लालू यादव ने दो सीटें और छोड़ी

सपा के दबाव में लालू यादव ने दो सीटें और छोड़ी

बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव ने समाजवादी पार्टी के दो सीटें और छोड़ दी। अब सपा बिहार में पांच सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जनता दल यूनाइटेड, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के गठबंधन ने 243 में से 240 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की जबकि तीन सीटें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ी गई थी।
स्‍मार्ट सिटी सूची जारी, पटना, शिमला समेत 9 राजधानी बाहर

स्‍मार्ट सिटी सूची जारी, पटना, शिमला समेत 9 राजधानी बाहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में 100 स्‍मार्ट शहर बनाने के सपने को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार ने कदम बढ़ाया है। स्मार्ट सिटी योजना में शामिल 98 शहरों की सूची जारी की गई है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा 13 शहरों को जगह मिली है लेकिन पटना, शिमला, मुंबई, बेंगलूरु, कोलकाता, त्रिवेंद्रम समेत 9 राज्‍यों की राजधानियों को बाहर रखा गया है। कई प्रमुख शहरों का योजना में शामिल नहीं होना बड़ा मुद्दा बना सकता है।
लिफ्ट में 40 मिनट तक फंसे अमित शाह, लालू ने ली चुटकी

लिफ्ट में 40 मिनट तक फंसे अमित शाह, लालू ने ली चुटकी

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और तीन वरिष्ठ नेता करीब 40 मिनट तक पटना के सरकारी गेस्ट हाउस की लिफ्ट में फंसे रहे। भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं के लिफ्ट में फंसे होने के कारण सुरक्षाकर्मियों और पार्टी पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया। बाद में सीआरपीएफ के जवानों ने स्‍टील के दरवाजे को तोड़कर शाह एवं अन्य लोगों को लिफ्ट से बाहर निकाला।
आजादी विशेष / दलितों के लिए कानून हैं, अमल नहीं

आजादी विशेष / दलितों के लिए कानून हैं, अमल नहीं

भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के उत्थान के लिए संविधान में कई अनुच्छेद बड़ी सतर्कता से शामिल किए। इन अनुच्छेदों में समाज में दलितों को समान दर्जा, अस्पृश्यता उन्मूलन और उनके प्रति भेदभाव मिटाने के प्रावधान, सबके लिए मौलिक अधिकारों के प्रावधान, समान न्यायिक सुरक्षा, मताधिकार और शिक्षा, रोजगार, पदोन्नति में आरक्षण, तरक्की तथा राजनीतिक प्रतिनिधित्व के प्रावधान रखे गए।
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