Advertisement

Search Result : "निर्भया फंड"

किशोर न्याय संशोधन विधेयक पारित

किशोर न्याय संशोधन विधेयक पारित

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को विवादास्पद किशोर न्याय कानून संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। संशोधित विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि किशोर न्याय बोर्ड यह निर्णय करेगा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में शामिल 16 वर्ष से अधिक उम्र के किशोर को सुधार गृह में रखा जाये या उस पर सामान्य अदालत में मुकदमा चलाया जाये। इस बारे में बात किए जाने पर वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर का कहना है ‘ यह बहुत ही गलत फैसला है। इसके तहत सिर्फ यह देखा जा रहा है कि जेलें कैसे भरी जाएं, यह नहीं देखा जा रहा कि बालसुधार गृहों में क्या सुधार किए जाएं, बच्चों को सामाजिक माहौल कैसा दिया जाए, उनकी मनोविज्ञानिक चिकित्सा के सिलसिले में क्या किया जाए या उन्हें किस प्रकार की वोकेशल ट्रेनिंग दी जाए।’
संकट में ग्रीनपीस इंडिया, सिर्फ एक महीना बचा

संकट में ग्रीनपीस इंडिया, सिर्फ एक महीना बचा

बंद होने की चुनौती से जुझ रही ग्रीनपीस इंडिया के पास अपने अस्तित्व को बचाने के लिये सिर्फ एक महीना है। संस्था के पास अपने कर्मचारियों के वेतन और अन्य खर्चों के लिये सिर्फ महीने भर का पैसा बचा है। गृह मंत्रालय की कार्रवाई को ‘चुपके से गला घोंटने’ जैसा बताते हुए ग्रीनपीस इंडिया ने मंत्रालय को चुनौती दी है कि वो मनमाने तरीके से दंड लगाना बंद करे और इस बात को स्वीकार करे कि वो ग्रीनपीस इंडिया को उसके सफल आंदोलनों की वजह से बंद करना चाह रहा है।
मोदी पहुंचे कनाडा, निवेश, ऊर्जा पर रहेगा जोर

मोदी पहुंचे कनाडा, निवेश, ऊर्जा पर रहेगा जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कनाडा पहुंचे जहां दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे सहित ऊर्जा सहयोग और भारत के विकास के लिए व्यापार और तकनीकी सहयोग पर बातचीत होगी।
गृह मंत्रालय  ने रोका फंड, ग्रीनपीस देगा चुनौती

गृह मंत्रालय ने रोका फंड, ग्रीनपीस देगा चुनौती

गृह मंत्रालय द्वारा फिर से विदेशी फंड रोक लगाने को फैसले को ग्रीनपीस कोर्ट में चुनौती देेगा। ग्रीनपीस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने हाल ही में ग्रीनपीस इंटरनेशनल की तरफ से ग्रीनपीस इंडिया को भेजी गई 1,48,608 यूरो की राशि के इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है।
निर्भया फिल्म: उडविन को प्रतिबंध हटने का भरोसा

निर्भया फिल्म: उडविन को प्रतिबंध हटने का भरोसा

निर्भया पर बनी विवादित फिल्म की ब्रितानी फिल्मकार का कहना है कि सामूहिक बलात्कार पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर भारत का प्रतिबंध बहुत लंबा नहीं चलेगा। यह विचार फिल्मकार लैस्ली उडविन ने अमेरिका में पीटीआइ-भाषा के सामने व्यक्त किया।
निर्भया फिल्म: पाबंदी हटाने की मांग

निर्भया फिल्म: पाबंदी हटाने की मांग

सोलह दिसंबर के बहुचर्चित सामूहिक बलात्कार कांड के एक मुजरिम के साक्षात्कार से जुड़ी विवादास्पद डॉक्यूमेंटी के प्रसारण पर लगी रोक हटाने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गयी है।
निर्भया फिल्म: सीनाजोरी पर उतारू वकील

निर्भया फिल्म: सीनाजोरी पर उतारू वकील

लेस्ली उडविन की फिल्म इंडियाज डॉटर में महिला विरोधी टिप्पणी करने वाला एक वकील सीना जोरी पर उतारू हो गया है। वकील का कहना है कि गलत वह नहीं बल्कि वे लोग हैं जिन्होंने फिल्म पर पाबंदी के बावजूद उसे देखा है। वकील को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) ने नोटिस भेज कर सफाई मांगी है। लेकिन वकील का कहना है कि उसे अभी कोई नोटिस नहीं मिला है।
निर्भया नहीं मिली…

निर्भया नहीं मिली…

मैं चाहता था कि सब कुछ ऐसा ही रहा आए। वह जानती थी कि कुछ भी ऐसा नहीं रहेगा। वह गीले कैनवास पर अधसूखे रंगों को धीरे से छूती, …कहती, ‘कितने अच्छे हैं, …पर धुंधला जाएंगे।’ मैं आंखें बंद कर कहता, ‘मैं और बना दूंगा, इनसे भी अच्छे, और चटक, और गहरे।’
फिल्मकार उडविन से कौन डरता है

फिल्मकार उडविन से कौन डरता है

बीबीसी4 ने बुधवार को निर्भया कांड पर आधारित इंडियाज डॉटर डॉक्यूमेंट्री फिल्म ब्रिटेन में प्रसारित की। यह फिल्म यूट्यूब पर भी फिल्म देखी जा सकती है। पाबंदी के बावजूद न्यू मीडिया के तकनीकी विकास के चलते यह फिल्म लाखों दर्शकों तक पहुंच चुकी है। बीबीसी ने कहा है कि 16 दिसंबर 2012 की सामूहिक बलात्कार की घटना पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का भारत में प्रसारण करने की उसकी कोई योजना नहीं है।
Advertisement
Advertisement
Advertisement