रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि भारतीय सेना पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे संघर्ष विराम के उल्लंघन का करारा जवाब दे रही है। उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार भारत द्वारा किए गए लक्षित हमलों का सबूत मांग रहे लोगों को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, पिछले पांच-छह वर्ष से संघर्ष विराम का लगातार उल्लंघन हो रहा है.....आंकड़े देख लीजिए। अंतर सिर्फ इतना है कि अब हम उन्हें करारा जवाब देते हैं। सुरक्षा में चूक के सवाल पर पर्रिकर ने कहा, आप कुछ काम करते हैं और अगर इसमें चूक होती है तो गलतियों को सुधारा जाना चाहिए।
कारपोरेट मंत्रालय के कंपनी रजिस्ट्रार ने कंपनी अधिनियम के सेक्शन 137,92 और 96 के तहत नियमों का पालन नहीं करने के एवज में दिल्ली डिस्टि्रक क्रिकेट एसोसिएशन डीडीसीए को नोटिस जारी किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विवाद सुलझाने में मदद करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने परमाणु हथियार संपन्न दोनों पड़ोसी देशों से क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
विदेशी कोष नियमों का कथित उल्लंघन करने को लेकर गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर सरकार की कार्रवाई के बीच उच्चतम न्यायालय ने देश भर में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए ऐसे करीब 30 लाख संस्थाओं को गंभीरता से लिया है। इनमें से कई एनजीओ बरसों से आयकर रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं।
केंद्र सरकार जनता को एक और अधिकार देने जा रही है। जनता को अब पद्म पुरस्कारों के लिए किसी भी हस्ती और लब्धप्रतिष्ठ के नाम की सिफारिश करने का अधिकार मिलने वाला है। संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहली बार जनता को ये अधिकार मिल रहा है।
लोढा समिति ने बीसीसीआई के सामने सर्वोच्च परिषद के गठन और आम सालाना बैठक (एजीएम) आयोजित करने के लिए 15 दिसंबर की समयसीमा तय की है जबकि आईपीएल की नई संचालन परिषद गठित करने के लिए 30 दिसंबर की समयसीमा तय की गई है।
बलूचिस्तान के एक शीर्ष नेता ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सुरक्षाबल बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने बलूच राष्ट्रवादी आंदोलन में भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की मांग भी की है।
केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को किराए की कोख वाली मां के अधिकारों की रक्षा संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। इसमें किराये की कोख वाली मां के अधिकारों की रक्षा के प्रावधान किए गए हैं। इस तरह की प्रक्रिया के बच्चों के अभिभावकों को कानूनी मान्यता देने का प्रावधान है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रस्ताव के अनुसार किराये की कोख मसौदा विधेयक 2016 का लक्ष्य किराये की कोख संबंधी प्रक्रिया के नियम को बेहतर करना है।