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Search Result : "नर्मदा बचाओ"

सिंहस्थ में क्षिप्रा को जीवन दे रही नर्मदा

सिंहस्थ में क्षिप्रा को जीवन दे रही नर्मदा

मध्यप्रदेश के शहर उज्जैन में 22 अप्रैल से सिंहस्थ मेला शुरू हो रहा है। धार्मिक नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी बहती है जिसमें श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं। यह अलग बात है कि क्षिप्रा में पानी की कमी के चलते इसमें नर्मदा का जल मिलाया गया है।
आठ लड़के और समुद्रतल पर 45 मिनट तक साइकलिंग

आठ लड़के और समुद्रतल पर 45 मिनट तक साइकलिंग

कुरूक्षेत्र के रहने वाले 35 वर्षीय डॉ.नरेंद्र सिंह और पंजाब के रहने वाले दलविंदर सिंह समेत कुल आठ युवाओं ने गोवा के समुद्रतल पर 45 मिनट तक साइकिल चलाकर दुनिया को हैरत में डाल दिया। यहां के ग्रैंडी बीच में समुद्र तल पर इस जोखिम भरे काम को करने का उद्देश्य बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहिम को बल देना और पंजाब को ड्रग्स मुक्त बनाना था।
मन की बात: मोदी ने समझाई 'दो मिनट के मौन' की ताकत

मन की बात: मोदी ने समझाई 'दो मिनट के मौन' की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वर्ष 2016 में पहली बात 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिये देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने लोगों को 30 जनवरी के दिन 2 मिनट का मौन रखकर देश के लिए अपना जीवन लगा देने वाले महापुरुषों को याद करने का मूलमंत्र दिया।
'बेटी बचाओ कार्यक्रम' से अनिल विज दरकिनार

'बेटी बचाओ कार्यक्रम' से अनिल विज दरकिनार

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल से अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा को जोड़ने के हरियाणा सरकार के कदम पर सवाल उठाकर विवाद पैदा करने वाले राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आज दावा किया कि उन्हें अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आमंत्रिात नहीं किया गया है।
बढ़ाई बांध की ऊंचाई तो इस बार देंगे जलसमाधि

बढ़ाई बांध की ऊंचाई तो इस बार देंगे जलसमाधि

नर्मदा बचाओ आंदोलन के 30 वर्ष पूरे होने पर धरना देने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे नर्मदा आंदोलनकारियों को आशंका है कि सरकार तीन राज्यों के 245 गांवों के 2.5 लाख लोगों की जिंदगियों को ताक पर रख फिर एक बार बांध की ऊंचाई बढ़ा देगी।
विकलांग बच्चियों की मदद के लिए बरखा बहार

विकलांग बच्चियों की मदद के लिए बरखा बहार

बेटी बचाओ के जज्बे के साथ बरखा बहार नाम से एक संगीतमय समारोह का आयोजन नंदिनी फाउंडेशन और पीपल फर्स्ट की ओर से दिल्ली के मुक्तधारा ऑडिटोरियम में किया गया। समारोह में गायिका मंदाकिनी बोरा के सावन पर गाए गीतों और सुफियाना गीतों ने लोगों को झूमने और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। लोक गायिका पूजा झा के गीत भी लोगों को खूब पसंद आए।
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