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Search Result : "देशविरोधी नारे"

कश्‍मीर मसला : एमनेस्‍टी के खिलाफ एबीवीपी सड़क पर उतरी

कश्‍मीर मसला : एमनेस्‍टी के खिलाफ एबीवीपी सड़क पर उतरी

बेंगलुरु में मानवधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की रैली में कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारे लगने के विरोध में एबीवीपी कर्नाटक की सड़क पर उतर गई है। पुलिस ने एबीवीपी की शिकायत पर इस मसले पर मामला दर्ज कर लिया है। विरोध कर रही एबीवीपी ने बुधवार को शहर में पुलिस कमिश्नर कार्यालय की तरफ जाने वाले रास्ते को रोक लिया। एबीवीपी ने कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। जिसके तहत पूरे राज्‍य भर में प्रदर्शन किए गए।
नारे लगाने से कोई देशभक्त या देशद्रोही नहीं होता : रोमिला थापर

नारे लगाने से कोई देशभक्त या देशद्रोही नहीं होता : रोमिला थापर

राष्ट्रवाद महज झंडा फहराने, नारे लगाने या भारत माता की जय नहीं बोलने वालों को दंडित करने से साबित नहीं किया जा सकता बल्कि देश की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी प्रतिबद्धता ही राष्ट्रवाद है।
उड़ान में आईएस के लगे नारे, मुंबई में इमरजेंसी लैंंडिंग के बाद दो गिरफ्तार

उड़ान में आईएस के लगे नारे, मुंबई में इमरजेंसी लैंंडिंग के बाद दो गिरफ्तार

इंडिगो फ्लाइट की उड़ान के दौरान आईएसआईएस के नारे लगाने के आरोप में दो लोगों को मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंंडिंग के बाद गिरफ्तार किया गया। इंडिगो का विमान दुबई से केरल जा रहा था जिसमें आईएस के नारे लगने लगे। आनन फानन में विमान को उतारा गया।
जेएनयू मामले का आईएसआईएस उठाना चाहता था फायदा

जेएनयू मामले का आईएसआईएस उठाना चाहता था फायदा

आतंकी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) भारत में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में देशविरोधी नारेबाजी के बाद मचे हंगामे का फायदा उठाना चाहता था। आईएसआईएस की गतिविधियों से संबंधित एक संदिग्ध आतंकियों के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सामने दिए बयान के बाद इस तरह की जानकारी सामने आई।
बिहार के गांव से तिहाड़ तक के सफर पर किताब लिखेंगे कन्हैया

बिहार के गांव से तिहाड़ तक के सफर पर किताब लिखेंगे कन्हैया

जेएनयू में कथित देशविरोधी नारेबाजी के बाद देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपनी जीवन यात्रा पर अब एक किताब लिखेंगे। इस किताब में कन्हैया बिहार के एक गांव से शुरु होकर देशद्रोह के आरोप में दिल्ली के तिहाड़ जेल जाने तक के अपने जीवन के सफर पर रौशनी डालेंगे।
चर्चाः पत्थर का सिंहासन, न्याय के आंसू | आलोक मेहता

चर्चाः पत्थर का सिंहासन, न्याय के आंसू | आलोक मेहता

देश-दुनिया को न्याय दिलाने वाले भारतीय न्यायाधीशों की कोई यूनियन नहीं होती। वे नारे नहीं लगा सकते। विरोध में प्रदर्शन नहीं कर सकते। स्वयं बनाई आचार संहिता के तहत अधिकांश न्यायाधीश भव्य पार्टियों से भी बचते रहते हैं। निजी समारोह में भी कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करते। विधि संस्‍थानों अथवा प्रतिष्ठित संस्‍थानों को छोड़कर सभाओं को संबोधित करने नहीं जाते। केवल सत्य निष्‍ठा और निष्पक्ष न्याय उनका मूल मंत्र और लक्ष्य होता है। कानूनी ग्रंथों के अलावा अदालत में प्रस्तुत प्रकरणों की मोटी फाइलें दिन-रात पढ़ते और फैसले लिखते हैं।
नारेबाजी विवाद: छात्रों की सजा पर जेएनयू ले रहा है कानूनी राय

नारेबाजी विवाद: छात्रों की सजा पर जेएनयू ले रहा है कानूनी राय

पिछले दिनों जेएनयू में आयोजित एक विवादित कार्यक्रम और उसमें कथित तौर पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में की गई नारेबाजी के मामले में कुछ छात्रों को सजा देने के मुद्दे पर जेएनयू ने कानूनी राय मांगी है। कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारे भी लगाए गए थे।
नहीं थोपा जाए भारत माता की जय का नारा: मोहन भागवत

नहीं थोपा जाए भारत माता की जय का नारा: मोहन भागवत

भारत माता की जय के नारे को लेकर छिड़ी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आज लखनउ में कहा कि भारत यह नारा किसी पर थोपने की आवश्यकता नहीं है बल्कि हमें एेसा भारत बनाना है कि लोग स्वत: भारत माता की जय कहें।
राष्ट्रवाद पर बहस के पहले दौर में भाजपा के लिए वैचारिक जीत: जेटली

राष्ट्रवाद पर बहस के पहले दौर में भाजपा के लिए वैचारिक जीत: जेटली

राष्ट्रवाद पर वैचारिक संघर्ष को आगे बढ़ाने का इरादा जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि भाजपा ने पहला दौर तो जीत लिया है क्योंकि अब तक जो लोग भारत विरोधी नारे लगाते थे अब अगर भारत माता की जय नहीं तो जय हिंद कहने को तो मजबूर हुए हैं।
जेएनयू विवाद: आप सरकार की जांच में कन्हैया को क्लीन चिट

जेएनयू विवाद: आप सरकार की जांच में कन्हैया को क्लीन चिट

जेएनयू में देशविरोधी नारेबाजी के मामले में दिल्ली सरकार की मजिस्ट्रेट जांच में कन्हैया कुमार को क्लीन चिट दिया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार जेएनयू में आयोजित उस विवादित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के भारत विरोधी नारेबाजी करने का कोई सबूत नहीं पाया गया। पुलिस ने इसी आरोप के आधार पर कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया था।