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Search Result : "दिल्‍ली विकास प्राधिकरण"

...तो क्‍या आप के अस्तित्‍व पर अब मंडराने लगे हैं बादल

...तो क्‍या आप के अस्तित्‍व पर अब मंडराने लगे हैं बादल

लगता है भाजपा को देश के सारे चुनाव जीतने का वरदान सा मिल गया है। यूपी की रिकार्ड तोड़ जीत के बाद देशभर के उप चुनाव के परिणाम शायद इस ओर ही इशारा कर रहे हैं। परंपरागत दलीय व्‍यवस्‍था के बीच देश की राजधानी दिल्‍ली में वैकल्पिक राजनीति का चेहरा बनकर उभरे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को भी इस बार भाजपा ने पटखनी दे दी है। दिल्‍ली की पंजाबी बाहुल्‍य राजौरी गार्डन सीट पर भाजपा ने अपना विजय परचम तो लहराया है, यह भाजपा और मोदी के युग में कोई बड़ी बात नहीं हो सकती लेकिन यहां से सत्‍ताधारी आप के प्रत्‍याशी की जमानत का जब्‍त होना दिल्‍ली की राजनीति की एक दूसरी तस्‍वीर अवश्‍य पेश कर रहा है।
दिल्‍ली निगम चुनाव: कांग्रेस नेता रजिया सुल्ताना आप में शामिल

दिल्‍ली निगम चुनाव: कांग्रेस नेता रजिया सुल्ताना आप में शामिल

दिल्‍ली निगम चुनाव को ध्यान में रखते हुए असंतुष्टों का दल बदलने का खेल भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेता व डिप्टी मेयर रह चुकी रजिया सुल्ताना व पूर्व पार्षद जमीर अहमद मुन्ना ने आप का दामन थाम लिया है। इससे पार्टी को खासा झटका लगा है।
दिल्ली भाजपा में उठापटक का दौर, वरिष्ठ नेता दरकिनार

दिल्ली भाजपा में उठापटक का दौर, वरिष्ठ नेता दरकिनार

दिल्ली भाजपा में उठापटक का दौर लगातार बना हुआ है। नगर निगम चुनाव के दौरान पार्टी को अंदरुनी कलह से बचाने की जिम्‍मेदारी संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे को दी गई है। जबकि दो वरिष्ठ नेताओं दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू व संगठन सचिव सिद्धार्थन को दरकिनार कर दिया गया है।
विकास और शिव थापा की वापसी, देवेंद्रो एशियाई चैंपियनशिप टीम से बाहर

विकास और शिव थापा की वापसी, देवेंद्रो एशियाई चैंपियनशिप टीम से बाहर

भारत ने अप्रैल-मई में होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के लिये कुछ स्थापित और दो नये मुक्केबाजों को टीम में जगह दी है लेकिन दो बार के पदक विजेता एल. देवेंद्रों सिंह इसमें स्थान नहीं बना पाये। विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (60 किग्रा) और विकास कृष्ण (75 किग्रा) के साथ पूर्व राष्ट्रमंडल चैंपियन मनोज कुमार (60 किग्रा) अपेक्षानुरूप 30 अप्रैल से सात मई के बीच उज्बेकिस्तान के ताशकंद में होने वाली चैंपियनशिप के लिये टीम में चुने गये। यह महाद्वीपीय चैंपियनशिप इस वर्ष के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिये क्वालीफाईंग प्रतियोगिता भी है।
जाधव के अर्धशतक से आरसीबी ने दिल्ली को 15 रन से हराया

जाधव के अर्धशतक से आरसीबी ने दिल्ली को 15 रन से हराया

केदार जाधव के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी के बाद बिली स्टेनलेक और शेन वाटसन की उम्दा गेंदबाजी से रायल चैलेंजर्स बेंगलूर ने इंडियन प्रीमियर लीग 10 में शनिवार को बेंगलूर में दिल्ली डेयरडेविल्स को 15 रन से हराकर पहली जीत दर्ज की।
'बहन का टिकट' बना संदीप दीक्षित और अजय माकन के बीच तकरार की वजह!

'बहन का टिकट' बना संदीप दीक्षित और अजय माकन के बीच तकरार की वजह!

दिल्ली नगर निगम चुनावों में जिस तरह दिल्लीं के कांग्रेस नेताओ के बीच गुटबाजी सामने आई है, उससे संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्वीन के निर्देशक पर छेड़छाड़ का आरोप

क्वीन के निर्देशक पर छेड़छाड़ का आरोप

सीधी सादी लड़की को बहादुरी से परदे पर दिखाने वाली कहानी ने लोगों को बहुत प्रभावित किया था। यह कहानी थी क्वीन। निर्देशक थे विकास बहल। अब इन्हीं विकास बहल पर एक महिला सहकर्मी ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
पीएम बोले, आजादी के बाद पहली बार होगा झारखंड का विकास

पीएम बोले, आजादी के बाद पहली बार होगा झारखंड का विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को झारखंड में गंगा पुल का शिलान्यास किया, मल्टी मॉडल बंदरगाह की आधारशिला के साथ ही साहिबगंज-गोविंदपुर मनिहारी सड़क का शुभारंभ भी किया। गंगा नदी पर बनाया जाने वाला यह पुल राज्य के साहेबगंज से बिहार के मनिहारी को जोड़ेगा जो 21.9 किलोमीटर लंबा होगा।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष - मलावी की रंजकहीनता विकास को एक चुनौती

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष - मलावी की रंजकहीनता विकास को एक चुनौती

विश्व स्वास्थ्य संगठन 7 अप्रैल को ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ मनाता है। ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के मौके पर अगर हम विभिन्न देशों के विकास, रहन-सहन और सेहत पर कोई टिप्पणी करें तो उसमें हमें मलावी की रंजकहीनता पर जरुर कुछ जानने की जरुरत है। कैसे यह देश रंजकहीनता की त्रासदी झेल रहा है। विकास के ढेकेदार आधुनिकता के लाख दावे कर लें पर अभी भी इस जहां में कितने लोग ऐसे हैं जो एक सामान्य जीवन को पाने को तरस रहे हैं। पिछले कई सालों में देश-विदेश हर जगह कई ऐसी बीमारियों के बारे में सुनने को मिला, जिसका नाम हमने पहले कभी नहीं सुना था जैसे इबोला, चिकनगुनिया, बर्ड फ्लू और स्वाइन फ्लू आदि। इन बीमारियों ने देश-विदेश हर जगह लोगों के बीच अपना पांव पसार लिया है। इन बीमारियों से ग्रसित लोगों की परेशानियों और मृत्यु दर के आंकड़ों को देखकर यह अनुमान लगाया गया कि ये रोग कितने घातक साबित हो रहे हैं। ऐसी बीमारियों से पीड़ित लोग इनके बारे में पूरी जानकारी न होने के कारण या फिर गलत इलाज होने के कारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। ऐसा कहा जाना गलत न होगा कि कुछ देशों की खुशहाली पूरे दुनिया की रौनक नहीं कही जा सकती। आज भी कहीं-कहीं मानव समाज में गरीबी, भूख, कुपोषण का घनघोर अंधेरा व्याप्त है। इसी बानगी में आप मलावी की रंजकहीनता को जानेंगे तो आपको निराशा होगी।
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