आय से अधिक संपत्ति मामले में अन्नाद्रमुक महासचिव वी.के. शशिकला की किस्मत का फैसला करने वाला शीर्ष अदालत का बहुप्रतीक्षित निर्णय आज आठ मिनट के भीतर घोषित कर दिया गया।
भारतीय जनता पार्टी के महासचिव भूपेंद्र यादव का कहना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी जाति और धर्म के नाम पर नहीं चुनाव लड़ रही है। आउटलुक से विशेष बातचीत में यादव कहते हैं कि उनका मुख्य मुद्दा विकास का है और इसी को ध्यान में रखकर पार्टी चुनाव लड़ रही है।
गरीब समर्थक अपनी छवि को मजबूती प्रदान करने के लिए भाजपा ने कहा कि सरकार की सभी नीतियां गरीबों के कल्याण से संचालित हैं। साथ ही पार्टी ने अपने सांसदों से कहा है कि वे जनता के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गरीबों के मसीहा के रूप में पेश करें।
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद के लापता होने के पीछे राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए मांग की कि केंद्र सरकार को इस मामले की जांच सीबीआई या अन्य समुचित एजेंसी से करानी चाहिए। गौरतलब है कि नजीब 15 अक्तूबर से लापता है। एक रात पहले ही उसका परिसर में अभाविप सदस्यों के साथ कथित तौर पर विवाद हुआ था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों के वार रूम में चुनाव से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलू पर ध्यान दिया जा रहा है और समाजवादी पार्टी का वार रूम भी टीवी चैनलों की निगरानी से लेकर सोशल मीडिया पर प्रचार और रिसर्च के काम को अंजाम देने में लगा है।
वित्त मंत्री भले ही दावा करें कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कानून के तहत सालाना बजटीय आवंटन में 25 फीसदी की वृद्धि की गई है, मगर मजदूर–किसान संगठन इस दावे से सहमत नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के संचालन के लिए पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक विनोद राय के नेतृत्व में आज चार सदस्यीय प्रशासनिक समिति नियुक्त की। इस समिति में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, आईडीएफसी के अधिकारी विक्रम लिमये, महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान डायना एडुलजी भी शमिल हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अच्छे दिन का झूठा वादा करने और नोटबंदी के रास्ते देश को पीछे धकेलने वाली भाजपा को राज्य की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में लम्बी-लम्बी लाइनें लगाकर उल्टा आसन कराएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा को साफ-साफ चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने 6 फरवरी की तय तारीख तक 600 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया तो उन्हें वापस जेल भेज दिया जाएगा। कोर्ट ने साफ शब्दों में कह दिया है कि 6 फरवरी, 2017 तक सहारा ग्रुप को 600 करोड़ रुपये जमा करना ही होगा, अगर डेडलाइन तक पैसे नहीं जमा करते हैं तो फिर सुब्रत रॉय को जेल जाना होगा।