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यूपी की जंग : चुनावी वादों-दलित मसलों से घिरी भाजपा को संघ का ही आसरा

यूपी की जंग : चुनावी वादों-दलित मसलों से घिरी भाजपा को संघ का ही आसरा

राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की मंशा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में इस बार सत्‍ता में बदलाव होना चाहिए। इसके लिए संघ पीछे से अपनी रणनीति पर कार्य करेगा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने इसके संकेत दिए हैं। देश में दलितों को लेकर हो रहे बवाल से चिंतित संघ प्रमुख ने सामाजिक समरसता पर भी पूरा जोर दिया। संघ की संगठनात्मक बैठकों में ऐसे सभी मसलों सहित पूरी रणनीति पर मंथन किया गया। लोकसभा चुनाव से पहले किए वादे और दलित मामलों पर घिरी भाजपा अपने लिए अब नए मसले की तलाश में है। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में भाजपा को संघ ही सबसे अहम स्‍तंभ के रुप में दिख रहा है।
इरोम शर्मिला का संकट

इरोम शर्मिला का संकट

इरोम शर्मिला की लड़ाई की तरकीब बदलते ही उसे इस्तेमाल करने वाले संगठन ही उसके सबके बड़े दुश्मन बन गए हैं।
अमेरिका: ताजा सर्वेक्षण में हिलेरी ने ट्रंप को पछाड़ा, मिली नौ अंकों की बढ़त

अमेरिका: ताजा सर्वेक्षण में हिलेरी ने ट्रंप को पछाड़ा, मिली नौ अंकों की बढ़त

अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने ताजा चुनावी सर्वेक्षण में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डोनाल्ड ट्रंप पर नौ अंकों की बढ़त कायम कर ली है।
सिंहस्थ घोटाले में फंसी भाजपा सरकार

सिंहस्थ घोटाले में फंसी भाजपा सरकार

लगता है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस वर्ष का सिंहस्‍थ कुंभ बहुत भारी पड़ने वाला है। कांग्रेस ने इस सिंहस्‍थ में बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने खर्चों को लेकर सारे आंकड़े मीडिया के सामने रखे हैं और इन खर्चों पर एक सरसरी नजर डालने से ही गड़बड़ियों की बू आने लगती है।
चर्चाः सेवा करने वालों का हिसाब-किताब | आलोक मेहता

चर्चाः सेवा करने वालों का हिसाब-किताब | आलोक मेहता

महान भारत देश में करीब 30 लाख संस्‍‌थाओं ने ‘स्वयंसेवी’ संगठन के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करवा रखा है। लेकिन मात्र 10 प्रतिशत संस्‍थाएं ही अपनी आमदनी-खर्च का विवरण आयकर विभाग को देती हैं। सेवा करने वालों को अपने बही-खाते की पारदर्शिता रखने से परहेज क्यों है?
भाजपा का चुनावी चुग्‍गा है यूनिफार्म सिविल कोड

भाजपा का चुनावी चुग्‍गा है यूनिफार्म सिविल कोड

देश को आजाद हुए पैंसठ साल से अधिक का समय हो गया पर भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर अभी तक आम राय नहीं बन पाई है। जब इतने समय पर यह नहीं हो पाया तो भाजपा अब क्‍या सोच समझ कर यूनिफार्म सिविल कोड का ताना-बाना बुनने लगी है। क्‍या छह माह में इसे लागू करने का दम केंद्र की भाजपा सरकार के पास है या यह महज एक चुनावी चुग्‍गा है। जो भाजपा ने यूपी चुनाव से पहले जनता की ओर फेंक दिया है।
चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

चर्चाः चुनावी चक्रव्यूह की नई चुनौती | आलोक मेहता

लोकतंत्र में चुनाव मतदाताओं के लिए पर्व और पार्टियों तथा उम्मीदवारों के लिए चुनौती होता है। चुनाव आयोग पारदर्शिता एवं अधिकाधिक भागीदारी के साथ खर्च में नियंत्रण तथा अन्य सुधारों के लिए लगातार सिफारिशें करता रहा है। इन सिफारिशों पर सरकार तथा संसद को अमल करना है।
अमेरिका: हिलेरी क्लिंटन ने दो चुनावी सर्वेक्षणों में ट्रंप को पछाड़ा

अमेरिका: हिलेरी क्लिंटन ने दो चुनावी सर्वेक्षणों में ट्रंप को पछाड़ा

अमेरिका में दो नए चुनाव सर्वेक्षणों के मुताबिक इस साल होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन अपने प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप से आगे निकल गई हैं।
उत्तर प्रदेश की चुनावी गाड़ी गांधी भरोसे

उत्तर प्रदेश की चुनावी गाड़ी गांधी भरोसे

उत्तार प्रदेश में चुनाव की सुगबुगाहट तो लंबे समय से है लेकिन अब उसमें तेजी दिखाई देने लगी है। उत्तवर प्रदेश के लिए मुख्यमंत्री के चेहरे का 'खोजी अभियान जारी है। हाल ही में हुई भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तय किया गया है कि अक्टूबर-नवंबर के महीने तक एक नाम 'खोज लिया जाएगा। इन सबके बीच भारी-भरकम उपनाम 'गांधी वाला एक युवा नेता भी मैदान में है। फिरोज वरुण गांधी महासचिव रह चुके हैं और उत्तगर प्रदेश मेंउनके पास अपनी मजबूत टीम और जनसमर्थन भी है। राजनीति में यदि अटकलबाजी न हो तो क्या मजा। यही वजह है खबरें आती रहती हैं कि फलां उनके पक्ष में और फलां उनके विरोध में। उनकी खूबी और ताकत का आकलन किया जा रहा है और सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंतरिक तौर पर पार्टी के सांसदों के बीच एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें उत्तुर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें सर्वाधिक वोट मिले। यानी वह पार्टी के भीतर उत्त र प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर सबसे मुफीद समझे जा रहे हैं। ऐसा ही सर्वेक्षण एक अखबार ने कराया और आश्चर्यजनक रूप से उसमें भी फिरोज वरुण गांधी को सबसे ज्यादा वोट मिले थे।
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