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Search Result : "ग्रामीण महिलाएं"

गांव में शहर से बेहतर टीकाकरण

गांव में शहर से बेहतर टीकाकरण

हाल में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक भारत में शहरों की तुलना में गांवों में बच्चों का टीकाकरण कराने की दर बेहतर है जबकि पहले के अध्ययनों के परिणामों में इसके विपरीत बात कही गई थी। इसके साथ ही टीकाकरण की दर के मामले में मुसलमानों के बजाए हिंदू परिवारों के बच्चे बेहतर स्थिति में हैं।
विदेश मंत्रालय ने सऊदी दूतावास से सहयोग करने को कहा

विदेश मंत्रालय ने सऊदी दूतावास से सहयोग करने को कहा

भारत ने आज सऊदी अरब से कहा कि दिल्ली के अपने राजनयिक के खिलाफ चल रही जांच में वह सहयोग करे जिस पर नेपाल की दो महिलाओं से गुड़गांव स्थित फ्लैट में बलात्कार और उत्पीड़न के आरोप हैं।
नेपाली महिलाओं की आपबीती, चाकू की नोक पर होता था रेप

नेपाली महिलाओं की आपबीती, चाकू की नोक पर होता था रेप

नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद मानव तस्‍करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। गुड़गांव में सऊदी राजनयिक के फ्लैट से छुड़ाई गई नेपाली मां-बेटियों ने इस त्रासदी की भयानक तस्‍वीर पेश की है।
हमें दो पुलिस तो रात में घूम सकेंगी खूबसूरत महिलाएं: सोमनाथ भारती

हमें दो पुलिस तो रात में घूम सकेंगी खूबसूरत महिलाएं: सोमनाथ भारती

सोमनाथ भारती ने कहा कि अगर दिल्ली सरकार को पूरी आजादी दे दी जाए तो खूबसूरत महिलाएं बिना किसी डर के आधी रात के बाद भी बाहर जा सकेंगी। उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह सुरक्षित दिल्ली प्रदान करेंगे।
हरियाणा में 65 फीसदी से ज्यादा महिलाएं नहीं चाहतीं बेटियां

हरियाणा में 65 फीसदी से ज्यादा महिलाएं नहीं चाहतीं बेटियां

हरियाणा के कुरूक्षेत्र और सोनीपत जिलों में 65 फीसदी से अधिक महिलाएं बेटियों की बजाय बेटे की ख्वाहिश रखती हैं क्योंकि उनका मानना है कि बेटा ही परिवार को आगे बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं करीब 50 फीसदी प्रतिशत महिलाओं का यह विचार है कि बेटा होने से समाज में किसी महिला को रूतबा और इज्जत मिलती है। भारत में लिंग आधारित लैंगिक चयन के मुद्दे पर प्रकाश डालने के मकसद से पॉपुलेशन काउंसिल ने यह आंकड़ा जारी किया है। काउंसिल ने पिछले साल सितंबर से नवंबर में इन दोनों जिलों में ।,000 विवाहित महिलाओं का सर्वेक्षण किया था।
दफ्तरों में शिशु के लिए हो स्तनपान की सुविधा - संयुक्त राष्ट्र

दफ्तरों में शिशु के लिए हो स्तनपान की सुविधा - संयुक्त राष्ट्र

यदि दफ्तर स्तनपान कराने वाली मांओं के लिहाज से सुविधाजनक कार्यस्थल में बदल जाए तो महिला कर्मचारियों की काम की रफ्तार तेज हो सकती है। एक अध्ययन कहता है कि पर्याप्त मातृत्व लाभ पाने वाली कामकाजी महिलाओं में दफ्तर में अधिक संतुष्टि देखी गई है। चूंकि स्तनपान करने वाले बच्चे कम बीमार पड़ते हैं, ऐसे में मांएं दफ्तर में कम अनुपस्थित रहती हैं।
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