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Search Result : "कृषि सुधार"

किसान और राज्य सरकारें सहयोग दें तो बदल देंगे किसानों की हालत: मोदी

किसान और राज्य सरकारें सहयोग दें तो बदल देंगे किसानों की हालत: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बरेली में एक किसान रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे कदम उठाकर कृषि क्षेत्र के सामने खड़ी चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है। रैली में उन्होंने राज्य सरकारों को किसानों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने का भी आह्वान किया।
टी20 विश्व कप खेलेने भारत आएगी पाकिस्तान टीम

टी20 विश्व कप खेलेने भारत आएगी पाकिस्तान टीम

पाकिस्तान सरकार ने आज अपनी क्रिकेट टीम को अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप के लिए भारत जाने की अनुमति दे दी लेकिन टीम के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम करने का अनुरोध किया है।
किसानों में आत्महत्या बन गई है फैशन: भाजपा सांसद

किसानों में आत्महत्या बन गई है फैशन: भाजपा सांसद

भाजपा के सांसद गोपाल शेट्टी ने आज एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए किसानों की आत्महत्या को जिंदगी खत्म करने का फैशन करार दिया है। यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है कि जब कृषि संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र में इस साल जनवरी से अब तक 124 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
हर रोज ढाई हजार किसान छोड़ रहे हैं खेती

हर रोज ढाई हजार किसान छोड़ रहे हैं खेती

घाटे का सौदा होने के कारण हर रोज ढाई हजार किसान खेती छोड़ रहे हैं। और तो और देश में अभी किसानों की कोई एक परिभाषा भी नहीं है। वित्तीय योजनाओं, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो और पुलिस की नजर में किसान की अलग-अलग परिभाषाएं हैं। एेसे में किसान हितों से जुड़े लोग सवाल उठा रहे हैं कि कुछ ही समय बाद पेश होने वाले आम बजट में गांव, खेती और किसान को बचाने के लिए क्या पहल होगी।
ऐसे आएंगे संस्‍कृत के अच्‍छे दिन, समिति ने दी सिफारिशें

ऐसे आएंगे संस्‍कृत के अच्‍छे दिन, समिति ने दी सिफारिशें

संस्कृत विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के लिए विशेष अनुदान देने के साथ-साथ सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्‍कूलों में संस्‍कृत पढ़ाने वाले अध्यापकों को अन्य विषय पढाने वाले शिक्षकों के समान वेतन मिलना चाहिए। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा नियुक्त एक समिति ने इस तरह की कई सिफारिश की हैं।
समाज सुधार के काम को आगे बढ़ाती हैं खाप पंचायतें: सीएम खट्टर

समाज सुधार के काम को आगे बढ़ाती हैं खाप पंचायतें: सीएम खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का कहना है कि खाप पंचायतें समाज की उपयोगी संस्थाएं हैं जो समाज सुधार के काम को आगे बढ़ाती हैं। एकाध गलती के कारण खाप पंचायतों को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया जा सकता। खट्टर ने कहा कि खाप पंचायतों का अपना मजबूत आधार है और उन पर प्रतिबंध लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
बजट में लोकलुभावन नीतियों की बजाय सुधारों पर जोर देंगे जेटली

बजट में लोकलुभावन नीतियों की बजाय सुधारों पर जोर देंगे जेटली

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आगामी वित्त वर्ष में त्वरित वृद्धि के लिए ढांचागत सुधारों को जारी रखने का संकल्प लेते हुए आज कहा कि भारत में 8-9 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करने की क्षमता है तथा उंची वृद्धि दर से ही गरीबी मिट सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी बजट में लोकलुभावन नीतियों के बजाय ढांचागत सुधारों पर ध्यान दिया जाएगा।
इंदिरा अम्मा के नाम पर हर पेट के लिए दाना-पानी- हरीश रावत

इंदिरा अम्मा के नाम पर हर पेट के लिए दाना-पानी- हरीश रावत

फरवरी 2014 में उत्तराखंड के मुख्य‍मंत्री पद की कमान संभालने वाले हरीश रावत राज्य के कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। लंबे समय के राजनीतिक जीवन में रावत ने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे। उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड राज्य बनने के बाद माना जा रहा था कि अगर राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी तो रावत को कमान मिल सकती है। लेकिन सियासी कारणों सेे रावत को देर से राज्य की कमान मिली। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जब सरकार बनी तो विजय बहुगुणा को मुख्य‍मंत्री पद दिया गया। उस समय रावत केंद्र सरकार में मंत्री थे। विजय बहुगुणा को बीच कार्यकाल से ही हटाकर हरीश रावत को राज्य की कमान दी गई। दो साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हरीश रावत से विभिन्न मुद्दों पर आउटलुक के विशेष संवाददाता ने देहरादून के बीजापुर गेस्ट हाउस में विस्तार से बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश-
खेसारी दाल पर बड़ा दांव लगा रही केंद्र सरकार

खेसारी दाल पर बड़ा दांव लगा रही केंद्र सरकार

दालों की बढ़ती कीमतों और दलहन आयात पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार खेसारी दाल पर 55 साल पहले लगा प्रतिबंध हटाने की कवायद में जुट गई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के एक पैनल ने इस दाल को खाने के लिए सुरक्षित बताया है और बारे में अंतिम फैसला खाद्य नियामक एफएसएसएआई को करना है। लेकिन स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े इस अहम फैसले को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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