लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली के दबाव के बीच बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक ढाई हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर 27 हजार से भी कम हो गया। जानकार बता रहे हैं कि इसमें सूखे की आशंका और केंद्रीय बैंक तथा वित्त मंत्रालय के बीच की तनातनी मुख्य वजह है।
कांग्रेस नेताओं ने मोदी सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं, जिसका मुकाबले करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि किसी भी समुदाय के खिलाफ हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल और तेजी से उभरते एच.एस. प्रणय ने क्रमश: महिला और पुरुष वर्ग में जीत दर्ज करके आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के दूसरे दौर में प्रवेश किया।
किसी जमाने में बीसीसीआई के निर्विवाद सुप्रीमो रहे जगमोहन डालमिया आखिरकार एक बार फिर दुनिया की इस सबसे अमीर क्रिकेट संस्था पर काबिज हो गए। उन्हें सर्वसम्मति से बीसीसीआई का अध्यक्ष चुना गया मगर एन. श्रीनिवासन गुट को तब तगड़ा झटका लगा जब विरोधी खेमे के अनुराग ठाकुर ने श्रीनिवासन के विश्वस्त संजय पटेल को हराकर सचिव पद पर कब्जा जमा लिया।
सूचना के अधिकार कानून के क्रियान्वयन पर अभी चार अध्ययन आए हैं। दो गैर सरकारी, परिवर्तन और सूचना के जनाधिकार पर राष्ट्रीय अभियान द्वारा, और दो सरकारी, केंद्रीय सूचना आयोग की कमेटी और स्वयं भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा। सभी की रिपोर्ट के अनुसार सूचना का अधिकार सक्षमता से लागू करने में मुख्य बाधा अपर्याप्त क्रियान्वयन, कर्मचारियों के प्रशिक्षण का अभाव और खराब दस्तावेज प्रबंधन है। किसी ने फाइल देखने की नोटिंग की मांगों और खिझाऊ तथा तुच्छ आवेदनों के कारण नहीं माना है। फिर भी कार्मिक मंत्रालय नौकरशाही के दबाव में इनसे संबंधित लाना चाहता है तो उसकी मंशा पर शक होता है वही कार्मिक मंत्रालय जिसका अपना अध्ययन बताता है कि अभी देश के सिर्फ 15 प्रतिशत लोगों को सूचना के अधिकार के कानून की जानकारी है और 85 प्रतिशत लोगों को नहीं। यानी नौकरशाही अभी भी सिर्फ 15 प्रतिशत भारतीयों के प्रति जवाबदेह होने से भी कतरा रही है। और परिवर्तन की रिपोर्ट के अनुसार इन 15 प्रतिशत में सिर्फ एक-चौथाई यानी 27 फीसदी ही संतोषप्रद सूचना हासिल कर पाते हैं।