रीयल एस्टेट क्षेत्र में बढ़ते ऑनलाइन बाजार के बीच एक नया पोर्टल डोरकीज डॉट कॉम पेश किया गया है जिसमें मुख्य तौर पर खरीदारों को ध्यान में रखते हुए सुविधाएं दी गई हैं।
अस्पतालों की परंपरागत अवधारणा से हटकर नए तरीके से चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने वाली स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनी मेड हार्बर ने भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह पूरा निवेश बुनियादी संरचनाओं के विकास, अनुसंधान एवं विकास, एचआर प्रशिक्षण, विपणन एवं प्रचारात्मक गतिविधियों में किया जाएगा।
चीन ने कई ऑनलाइन समाचार पत्रों का संचालन बंद कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने स्वतंत्र रिपोर्टिंग और संभवत: संवेदनशील विषयों के बारे में लेख प्रकाशित करने को लेकर उनकी आलोचना की थी।
लगता है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस वर्ष का सिंहस्थ कुंभ बहुत भारी पड़ने वाला है। कांग्रेस ने इस सिंहस्थ में बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने खर्चों को लेकर सारे आंकड़े मीडिया के सामने रखे हैं और इन खर्चों पर एक सरसरी नजर डालने से ही गड़बड़ियों की बू आने लगती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार और कई मंत्रियों के विभाग बदले जाने को लेकर धीरे-धीरे अब अंदरूनी सूचनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत का है।
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्पष्ट किया है कि वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद मामले में नकद भुगतान दो लाख रुपये से अधिक होने पर ही स्रोत पर कर वसूली (टीसीएस) लागू होगी।
रेलवे की आरक्षण प्रणाली में 1 जुलाई से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। जिसके तहत अब ऑनलाइन बुकिंग पर वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा। जुलाई माह से कुछ सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। शताब्दी, राजधानी जैसी दूसरी अन्य ट्रेनों में कोच बढ़ाए जाएंगे। तत्काल टिकट का आरक्षण निरस्त करवाने पर अब आधा रिफंड मिलेगा। क्षेत्रीय भाषाओं में भी टिकट मिलेंगे।
पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने महानगर में नेताओं द्वारा हड़प ली गई खुली जगहों को बचाने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस के हस्तक्षेप की मांग करते हुए एक ऑनलाइन याचिका की शुरआत की है।
हथियारों की दलाली को लेकर लगभग 30 वर्षों तक राजनीति करने वालों ने आखिरकार दिमाग ही नहीं बदला, नियम-कानून भी बदल दिये। राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने हथियारों से सौदों में किसी भी तरह के दलाल और दलाली पर प्रतिबंधात्मक कड़ा कानून बना दिया था और दुनिया के देशों को कहा गया कि रक्षा संबंधी समझौते और खरीदी सीधे सरकारों के माध्यम से ही होगी।