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चर्चाः वायदों और दावों का क्या | आलोक मेहता

चर्चाः वायदों और दावों का क्या | आलोक मेहता

‘कसमें, वादे, प्यार, वफा-सब बातें हैं बातों का क्या?’ यह फिल्मी गाना पुराना हो गया। लेकिन इन दिनों जिस इलाके में जाएं, लोग सरकारों के वायदों और दावों के साथ इसी तरह के सवाल उठा रहे हैं। संसद के बजट-सत्र के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने भारत सरकार की ‘सफलताओं का लेखा-जोखा’ आधारित भाषण पढ़ दिया।
कन्हैया मामले की स्थिति रिपोर्ट कल पेश करे पुलिसः हाईकोर्ट

कन्हैया मामले की स्थिति रिपोर्ट कल पेश करे पुलिसः हाईकोर्ट

देशद्रोह के आरोप में जेल में बंद कन्हैया की जमानत पर सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को कल तक मामले की जांच की स्थिति रिपोर्ट अदालत में दायर करने को कहा है। अदालत में दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की जमानत का विरोध किया।
जेएनयू के फरार छात्रों की याचिका पर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

जेएनयू के फरार छात्रों की याचिका पर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने देशद्रोह के मामले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण से पहले सुरक्षा की मांग करने वाले जेएनयू के दो छात्रों की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। वहीं मगलवार को ही इन पांच छात्रों की गिरफ्तारी के लिए दायर एक अन्य याचिका पर भी सुनवाई करने के लिए हाईकोर्ट राजी हो गया है। दोनों ही याचिकाओं पर मंगलवार को ही सुनवाई किए जाने की संभावना है।
जेएनयू जांच रिपोर्ट के तथ्य भी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में जोड़े

जेएनयू जांच रिपोर्ट के तथ्य भी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में जोड़े

जेएनयू विवाद पर अपनी हालिया रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय की अंदरूनी जांच समिति द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों को भी शामिल किया है। सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित आठ छात्र असंवैधानिक नारे लगाने में कथित तौर पर शामिल थे। लेकिन जांचकर्ताओं द्वारा अब तक जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों और जेएनयू के कर्मचारियों सहित एक भी प्रत्यक्षदर्शी का जिक्र नहीं किया है।
पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर मारपीट करने वाला वकील गिरफ्तार

पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर मारपीट करने वाला वकील गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस अदालत परिसर में पत्रकारों, जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर हमला करते कैमरे में दिखे वकीलों में से एक यशपाल सिंह को मंगलवार की रात गिरफ्तार कर लिया। खबर लिखे जाने तक उसे तिलक मार्ग थाने में रखा गया था और उससे पूछताछ की जा रही थी। दिल्ली पुलिस के कमिश्नर भीमसेन बस्सी ने मंगलवार को दिन में ही कहा था कि पत्रकारों को कथित तौर पर पीटते हुए कैमरे में कैद हुए दो वकीलों को जरूरत पड़ने पर गिरफ्तार किया जा सकता है।
चर्चाः षडयंत्रों का सिरदर्द | आलोक मेहता

चर्चाः षडयंत्रों का सिरदर्द | आलोक मेहता

सिंहासन के लिए महाभारत और रामायण युग के षडयंत्रों की कहानियां भारत के गौरवशाली इतिहास के साथ सुनाई-पढ़ाई जाती रही हैं। इसलिए अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी को षडयंत्रों की सूचनाओं पर क्या अधिक चिंतित होकर जनता के दरबार में गुहार लगानी चाहिए?
चर्चा : अपने हाथ क्यों जलाएं ?। आलोक मेहता

चर्चा : अपने हाथ क्यों जलाएं ?। आलोक मेहता

विरोध, प्रदर्शन, आंदोलन, लोकतंत्र में अनुचित नहीं माने जाते। लेकिन अपने खेत-खलिहान-घर-आंगन को सुरक्षित रखने के साथ मासूम बच्चों के स्कूलों, बीमार और घायलों का उपचार करने वाले अस्पतालों, गांव से कस्बों तक पहंुचाने वाली बसों अथवा जानमाल की सुरक्षा के लिए बनाए गए थानों को आग लगाने के बजाय सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी तो समाज की है।
पैरोडी ट्वीट पर पुलिस आयुक्त बस्सी की हुई किरकिरी

पैरोडी ट्वीट पर पुलिस आयुक्त बस्सी की हुई किरकिरी

एक पैरोडी ट्वीट से चिढ़े दिल्ली के पुलिस प्रमुख बी एस बस्सी ने प्रतिक्रिया में केजरीवाल और पत्रकार रवीश कुमार को खुद का गुणगान करने वाला कह दिया जबकि उन्होंने इस तथ्य पर गौर ही नहीं किया कि आॅनलाइन गाली-गलौज की प्रवृति के कारण रवीश कुमार ने काफी पहले ही ट्विटर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। बस्सी की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर किरकिरी हुई।
चर्चाः झंडे की शान में जुड़ी आन | आलोक मेहता

चर्चाः झंडे की शान में जुड़ी आन | आलोक मेहता

तिरंगे की शान रखने के लिए हर भारतीय नागरिक सब कुछ न्यौछावर करने के लिए तैयार रहता है। हिमालय की सर्वोच्च चोटी से समुद्र के सुदूर क्षेत्र और अंतरिक्ष तक भारतीयों ने गौरव के साथ तिरंगा फहरा कर सैल्यूट किया है। इसलिए मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालयों की इमारतों पर तिरंगा ध्वज लहराने की अनिवार्यता के निर्देश का स्वागत ही होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट से मिली निराशा पर विरोध फैला सरहद पार

सुप्रीम कोर्ट से मिली निराशा पर विरोध फैला सरहद पार

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए भेजा हाई कार्ट और उधर नारेबाजी के कन्हैया वाले वीडियो को लेकर हुई स्थिति साफ, आजादी मांगता गीत है, जिसे गा रही थी टीम
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