क्रिकेटर से राज्यसभा सांसद बने सचिन तेंदुलकर ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि मसूरी स्थिति विवादित भूमि के मामले में उनका किसी तरह का हित नहीं जुड़ा है। हालांकि उन्होंने पुष्टि की है कि उन्होंने उस बैठक में हिस्सा लिया था जिसमें उन्होंने मसूरी में अपने दोस्त के आवास के संबंध में हो रही परेशानियों को सुलझाने में मदद का आग्रह किया था।
भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी विवादों में घिरते नजर आ रहेे हैं। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार सचिन तेंदुलकर ने मसूरी में अपने दोस्त और बिजनेस पार्टनर संजय नारंग के एक अवैध निर्माण को बचाने के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मदद की गुजारिश की थी। नारंग नेे मसूरी में भारतीय रक्षा अनुसंधान संस्थान डीआरडीओ काम्प्लेक्स के पास सुरक्षा के लिहाज से नो कंस्ट्रक्शन जोन में रिसार्ट बनाया है। इस अवैध निर्माण को बचाने के लिए ही सचिन ने पर्रिकर से मदद मांगी थी।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत राजग सरकार अधिक जीडीपी दिखाने के लिए आंकड़ों में हेरफेर कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि आर्थिक प्रगति जमीन पर नहीं दिख रही है।
अमेरिका ने साफ कहा है कि भारत की वृद्धि दर को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है। ऐसा मालूम होता है। अमेरिका ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आर्थिक सुधार के संबंध में अपने वादों को पूरा करने की दिशा में धीमी रही है हालांकि उसने नौकरशाही और एफडीआई की रोक कम करने जैसेे अहम कदम उठाए हैंं।
अपराधों से घिरे और आर्थिक तंगहाली की मार झेल रहे रियो दि जिनेरियो में ठीक एक महीने बाद ओलंपिक खेल शुरू होंगे और इसके साथ ही खेलों के महाकुंभ की मेजबानी करने वाला यह पहला दक्षिण अमेरिकी शहर बन जायेगा।
पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री राम जेठमलानी ने रविवार को कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में विदेशी बैंकों में जमा कालाधन वापस लाने समेत तमाम वादों के मद्देनजर उन्होंने नरेंद्र मोदी का सहयोग किया था लेकिन अब वह खुद को इसके लिए गुनहगार और ठगा हुआ महसूस करते हैं।
संसद के मॉनसून सत्र का ऐलान हो गया है। मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक होगा। इस दौरान राज्यसभा में भाजपा के नॉमिनेटेड सदस्य सुब्रह्मण्यम स्वामी को जोरदार टक्कर देंगे बिहार के ‘महागठबंधन’ के सांसद और जाने माने वकील राम जेठमलानी। कालाधन, जीएसटी और आर्थिक मुद्दों पर दोनों दिग्गजों के बीच राज्यसभा में जोरदार बहस की संभावना है।
नरसिंह राव भारत के सर्वाधिक विवादास्पद प्रधानमंत्री होने के साथ आजादी के बाद आर्थिक क्रांति के जनक माने जाते हैं। राव के राजनीतिक जीवन और कार्यकाल पर बहुत कुछ लिखा-छपा है लेकिन इस सप्ताह युवा प्रोफेसर और पत्रकार विनय सीतापति की नई पुस्तक हाफ लॉयन: हाऊ पी.वी. नरसिंह राव ट्रांसफॉर्म्ड इंडिया में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों, पत्रों और भेंटवार्ताओं के जरिये राव के राजनीतिक जीवन से जुड़े कई पहलुओं की चर्चा हो रही है।