Advertisement

Search Result : "आखिरी विदाई"

बिट्टू शर्मा के परिवार की विदाई

बिट्टू शर्मा के परिवार की विदाई

बिट्टू शर्मा के नाम से टीवी पर चर्चित हो चुके कपिल शर्मा का कुनबा अब कुछ कुछ दिन नजर नहीं आएगा। हालांकि खबर आई है कि कपिल नासाज हैं सो कुछ दिन टीवी से ब्रेक लेंगे। लेकिन यदि कपिल शो नहीं करेंगे तो उनकी टीम यानी कुनबा भी जाहिर सी बात है टीवी पर नहीं आएगा।
प्रफुल्ल बिदवई को आखिरी सलाम

प्रफुल्ल बिदवई को आखिरी सलाम

वरिष्ठ पत्रकार, एक्टिविस्ट, परमाणु मुद्दे पर जनपषधर लेखनी से अलग मुकाम बनाने वाले प्रफुल्ल बिदवई को आज लोदी रोड के विद्युत शवदाहगृह में दी गई भाव-भीनी श्रद्धांजलि
आईपीएलः आखिरी लीग मैच जीतकर चेन्नई शीर्ष पर

आईपीएलः आखिरी लीग मैच जीतकर चेन्नई शीर्ष पर

किंग्स इलेवन पंजाब से अपना आखिरी लीग मैच जीतकर चेन्नई सुपरकिंग्स शीर्ष पर बनी रही। पंजाब के सात विकेट पर 130 रन के जवाब में चेन्नई ने सुरेश रैना और डु प्लेसिस की ठोस साझेदारी की बदौलत 19 गेंद रहते तीन विकेट खोकर यह लक्ष्य पा लिया।
गजेंद्र को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

गजेंद्र को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

बुधवार को दिल्ली मेंं आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान फंदा लगाकर खुदकशी करने वालेे नांगल झामरवाडा के किसान गजेंद्र सिंह कल्याणवत (42) की आज यहां अंत्येष्टि कर दी गई।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद विदाई

कार्यकाल समाप्त होने के बाद विदाई

राज्यसभा में गुरुवार को एक अनूठा नजारा उस समय देखने को मिला जब सदस्यों ने कार्यकाल समाप्त कर चुके तीन सदस्यों को विदाई दी। राज्यसभा में शायद यह पहली बार हुआ की सदस्यों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद विदाई दी गई। उससे भी रोचक नजारा यह रहा कि कार्यकाल समाप्त हो चुके माकपा के ऐसे एक सदस्य पी राजीव को फिर से सदन में वापस लाये जाने की सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष ने एक स्वर में मांग की।
आखिरी हॉकी लीग मैच में पंजाब और मुंबई आमने सामने

आखिरी हॉकी लीग मैच में पंजाब और मुंबई आमने सामने

हीरो हॉकी इंडिया लीग सेमीफाइनल में जगह बना चुकी जेपी पंजाब वारियर्स अपने आखिरी लीग मैच में दबंग मुंबई से खेलेगी। उसके लिये यह बस प्रतिष्ठा का मुकाबला है।
देसी पान की आखिरी सांसें

देसी पान की आखिरी सांसें

देसी पान का पेशा धीरे-धीरे ख़त्म होने की कगार पर है। पान की खेती के लिए मशहूर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में देसी पान की खेती आखिरी सांसे गिन रही है। पच्चीस वर्ष पहले की तुलना में आज महज पांच फीसदी लोग ही पान की खेती कर रहे हैं।
Advertisement
Advertisement
Advertisement