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आकाओं ने हेडली से कहा था, लखवी-हाफिज को कुछ नहीं होगा

आकाओं ने हेडली से कहा था, लखवी-हाफिज को कुछ नहीं होगा

पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने आज बताया कि उसके आकाओं ने उससे कहा था कि 26/11 के मुंबई हमले के मामले में जकी उर रहमान लखवी और हाफिज सईद के खिलाफ कुछ नहीं होगा। हेडली ने यह भी दावा किया कि उसे बताया गया था कि उनके और लश्कर के अन्य सदस्यों के खिलाफ पाकिस्तानी संघीय जांच एजेंसी की कार्रवाई दिखावटी है।
पीएम मोदी ने किया मेक इन इंडिया सप्ताह का उद्घाटन

पीएम मोदी ने किया मेक इन इंडिया सप्ताह का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विनिर्माण क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े सम्मेलन मेक इन इंडिया (एमआईआई) सप्ताह का शनिवार को मुंबई में उद्घाटन किया। इस अवसर पर कई देशों के शीर्ष राजनेताओं के साथ उद्योग जगत के प्रमुख और विदेशी शिष्टमंडल के सदस्य मौजूद थे। सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य देश के विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की सफलता को प्रदर्शित करना है।
आईएसआई के निशाने पर थे मुंबई एयरपोर्ट और  नौसेना स्टेशन

आईएसआई के निशाने पर थे मुंबई एयरपोर्ट और नौसेना स्टेशन

पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली ने अदालत को बताया है कि आईएसआई और लश्कर 26/11 आतंकवादी हमलों के दौरान मुंबई हवाईअड्डे और नौसेना स्टेशन को निशाना बनाना चाहते थे और उसने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) की वीडियोग्राफी की थी और उसे वहां के किसी ऐसे व्यक्ति को भर्ती करने को कहा गया था जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए काम कर सके।
हेडली का धन भेजने में सारे नियमों का पालन किया: इंडसइंड बैंक

हेडली का धन भेजने में सारे नियमों का पालन किया: इंडसइंड बैंक

निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक ने आज कहा कि उसने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक डेविड हेडली को नकदी हस्तांतरित करते समय सभी नियमों और दिशानिर्देशों का अनुपालन किया था।
लश्कर ने बनाई थी ताज होटल में रक्षा वैज्ञानिकों पर हमले की योजना

लश्कर ने बनाई थी ताज होटल में रक्षा वैज्ञानिकों पर हमले की योजना

पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने आज अदालत के समक्ष कहा कि लश्कर-ए-तैयबा ने 26/11 के मुंबई हमलों से एक साल पहले ताज होटल में भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों हमले की योजना बनाई थी। हेडली ने यह भी कहा कि उसने नौसैन्य वायु स्टेशन और सिद्धीविनायक मंदिर की रेकी की थी।
हेडली का कबूलनामा, हमले से पहले सात बार भारत आया था

हेडली का कबूलनामा, हमले से पहले सात बार भारत आया था

लश्कर ए तैयबा का पाकिस्तानी-अमेरिकी सदस्य डेविड हेडली 26/11 मामले में सरकारी गवाह बनाए जाने के बाद वीडियो लिंक के जरिये यहां एक अदालत के समझ पेश हुआ और उसने कहा कि वह 2008 में मुंबई में किए गए हमलों से पहले सात बार भारत आया था और लश्कर में उसका मुख्य संपर्क साजिद मीर के साथ था। मीर भी इस मामले में एक आरोपी है। हेडली पहली बार अदालत के समक्ष पेश हुआ है।
मशहूर शायर निदा फाजली का दिल का दौरा पड़ने से निधन

मशहूर शायर निदा फाजली का दिल का दौरा पड़ने से निधन

उर्दू के मशहूर शायर और गीतकार निदा फाजली का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया। 78 वर्षीय निदा ने मुंबई में आखिरी सांसे लीं। निदा फाजली अपनी शायरी के अलावा दोहों के लिए पूरी उर्दू दुनिया में विशेष तौर पर जाने जाते थे।
चर्चाः हेडली पर अमेरिकी छाया | आलोक मेहता

चर्चाः हेडली पर अमेरिकी छाया | आलोक मेहता

मुंबई पर आतंकी हमले का प्रमुख षडयंत्रकारी डेविड हेडली मौत की सजा से बचने के लिए 14 दिसंबर, 2009 को अमेरिकी जांच एजेंसी एफ.बी.आई. का सरकारी गवाह बन गया था। पांच साल पहले 18 मार्च 2010 को उसने अमेरिकी अदालत में अपना अपराध स्वीकार करते हुए बता दिया कि उसने पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आई.एस.आई. और लश्कर ए तैयबा के निर्देशों पर मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया तथा यूरोप में भी डेनिस अखबार के दफ्तर पर हमला करवाया।
मोदी सरकार थम्स अप सरकार, हमेशा कुछ तूफानी चाहती है: कांग्रेस

मोदी सरकार थम्स अप सरकार, हमेशा कुछ तूफानी चाहती है: कांग्रेस

कांग्रेस ने मुंबई में मेक इन इंडिया सप्ताह कार्यक्रम की शुरूआत से पहले केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए एक विज्ञापन के जरिये कहा है कि मोदी सरकार एक थम्स अप सरकार है जो हमेशा कुछ तूफानी चाहती है।
आवरण कथाः कोचिंग का धंधा, कितना स्याह, कितना सफेद

आवरण कथाः कोचिंग का धंधा, कितना स्याह, कितना सफेद

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कटक से अटक तक कोचिंग का धंधा औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ पांव पसार चुका है और इस सच से कोई इनकार नहीं कर सकता। बिहार के मूल निवासी पीयूष कुमार गुजरात के अहमदाबाद में बैंक अधिकारी हैं। परिवार में पत्नी के अलावा सिर्फ एक बेटा है जो दसवीं की परीक्षा पास कर चुका है। मगर बेटा और पत्नी उनके साथ नहीं रहते। दोनों राजस्थान के कोटा में हैं जहां बेटा आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए एक नामी कोचिंग सेंटर में तैयारी कर रहा है। एक और उदाहरण देखें:ओडिशा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुकी श्वेता कुमारी इंजीनियरिंग क्षेत्र में मंदी के कारण बैंक की नौकरी की तैयारी कर रही हैं। सिलीगुड़ी के अपने घर में रहकर उसने परीक्षा दी मगर लिखित परीक्षा की बाधा पार नहीं हो पाई। उसने दिल्ली का रुख किया और यहां एक कोचिंग से बैंकिंग की तैयारी के बाद पहली बार में ही रिजर्व बैंक और बैंक पीओ की लिखित परीक्षा पास कर ली। ये दो उदाहरण देश में कोचिंग के पूर्ण विकसित हो चुके धंधे की कहानी बयां करते हैं। जरा 15 साल पहले का जमाना याद करें जब कोचिंग का मतलब आपके घर में ही आस-पड़ोस के किसी बेरोजगार युवक द्वारा आपके बच्चों को पढ़ाई में थोड़ी-बहुत मदद कर देना होता था। अब अगर बच्चे को डॉक्टर, इंजीनियर, मैनेजर, प्रशासनिक अधिकारी या किसी सरकारी दफ्तर में क्लर्क ही बनना हो तो औपचारिक शिक्षा की डिग्री के साथ-साथ किसी कोचिंग संस्था का मार्गदर्शन होना अनिवार्य है अन्यथा गला काट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में उसका पिछड़ना तय है। सीधे शद्ब्रदों में कहें तो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कटक से अटक तक कोचिंग का धंधा औपचारिक शिक्षा के साथ-साथ पांव पसार चुका है और इस सच से कोई इनकार नहीं कर सकता। साल 2013 में हुए एक आकलन के मुताबिक भारत में कोचिंग इंडस्ट्री लगभग 23.7 अरब डॉलर (160.16 अरब रुपये) की थी, जिसके साल 2015 में 40 अरब डॉलर (270 अरब रुपये) के होने की भविष्यवाणी की गई थी और अगले पांच वर्षों में यह 500 अरब रुपये तक पहुंच सकती है।
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