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Search Result : "अलग कानून"

संघ में अब भी मोदी का जलवा

संघ में अब भी मोदी का जलवा

सरकार के भूमि अधिग्रहण कानून की सराहना कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने यह जता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों का अमूमन संघ साथ देगा। क्यों‍कि संघ जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के रूख की आलोचना तो कर रहा है लेकिन देशहित में भाजपा के फैसले को सही ठहरा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने कहा  यह नियमित कवायद

दिल्ली पुलिस ने कहा यह नियमित कवायद

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यालय में कथित जासूसी के मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी सफाई पेश की है। पुलिस ने कहा कि राहुल गांधी के में पुलिसकर्मी का जाना शख्सियतों से जुड़े रहने की एक नियमित कवायद है और इसके पीछे कोई दुर्भावना नही थी।
अमेरिका ने बीमा विधेयक को मंजूरी की प्रशंसा की

अमेरिका ने बीमा विधेयक को मंजूरी की प्रशंसा की

अमेरिका की एक शीर्ष कारोबारी संस्था ने भारत में बीमा कानून (संशोधन) विधेयक को मंजूरी मिलने की प्रशंसा करते हुए कहा है कि इस तरह के कानून से निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार पैदा होंगे और वित्तीय स्थिरता आएगी।
भूमि अधिग्रहण पर जेटली की स्वीकारोक्ति

भूमि अधिग्रहण पर जेटली की स्वीकारोक्ति

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मान लिया है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भूम‌ि अधिग्रहण कानून लाए जाने के कारण उनकी पार्टी इसका विरोध नहीं कर पाई थी।
विचाराधीन कैदियों पर अदालत ने जवाब मांगा

विचाराधीन कैदियों पर अदालत ने जवाब मांगा

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से विचाराधीन कैदियों की रिहाई पर जवाब मांगा है। ये वे कैदी हैं जो अपने ऊपर आरोपों की अधिकतम सजा की आधी अवधि जेल में बिता चुके हैं।
एक्सक्लूसिव इंटरव्यूःद‌िल्ली के लिए अलग रेवेन्यू मॉडल- केजरीवाल

एक्सक्लूसिव इंटरव्यूःद‌िल्ली के लिए अलग रेवेन्यू मॉडल- केजरीवाल

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जीत के तमाम आंकड़ों-अनुमानों को पार कर इतिहास बनाया है। दिल्ली की जनता ने खुलकर आम आदमी पार्टी के लिए छप्पर फाड़कर वोट दिया। यह एक सुनामी है जिसने सिर्फ आठ महीने के भीतर दिल्ली से भाजपा का सूपड़ा साफ कर दिया। कांग्रेस का तो खाता खुलने की भी नौबत नहीं आई। नजीजे आने के बाद आम आदी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी को लोगों से मिलाया और कहा कि अगर उनकी पत्नी न होतीं तो वह वहां नहीं पहुंच पाते जहां पहुंचे हैं। जाहिर है कि पत्नी के इस परिचय के जरिये उन्होंने कहीं और निशाना साधा है।दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों का ऑडिट करवाना उन्हों‍ने अपनी सरकार का पहला लक्ष्य बताया है। अरविंद केजरीवाल से आउटलुक की ब्यूरो प्रमुख भाषा सिंह की बातचीत के अंशः
जवाबदेही के जुए से कतराती नौकरशाही

जवाबदेही के जुए से कतराती नौकरशाही

सूचना के अधिकार कानून के क्रियान्वयन पर अभी चार अध्ययन आए हैं। दो गैर सरकारी, परिवर्तन और सूचना के जनाधिकार पर राष्‍ट्रीय अभियान द्वारा, और दो सरकारी, केंद्रीय सूचना आयोग की कमेटी और स्वयं भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय द्वारा। सभी की रिपोर्ट के अनुसार सूचना का अधिकार सक्षमता से लागू करने में मुख्य बाधा अपर्याप्त क्रियान्वयन, कर्मचारियों के प्रशिक्षण का अभाव और खराब दस्तावेज प्रबंधन है। किसी ने फाइल देखने की नोटिंग की मांगों और खिझाऊ तथा तुच्छ आवेदनों के कारण नहीं माना है। फिर भी कार्मिक मंत्रालय नौकरशाही के दबाव में इनसे संबंधित लाना चाहता है तो उसकी मंशा पर शक होता है वही कार्मिक मंत्रालय जिसका अपना अध्ययन बताता है कि अभी देश के सिर्फ 15 प्रतिशत लोगों को सूचना के अधिकार के कानून की जानकारी है और 85 प्रतिशत लोगों को नहीं। यानी नौकरशाही अभी भी सिर्फ 15 प्रतिशत भारतीयों के प्रति जवाबदेह होने से भी कतरा रही है। और परिवर्तन की रिपोर्ट के अनुसार इन 15 प्रतिशत में सिर्फ एक-चौथाई यानी 27 फीसदी ही संतोषप्रद सूचना हासिल कर पाते हैं।
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