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Search Result : "अलग कानून"

अब साल के 365 दिन खुली रहेंगी दुकानें

अब साल के 365 दिन खुली रहेंगी दुकानें

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दुकानों, शापिंग मॉल व अन्य प्रतिष्ठानों को साल के 365 दिन खुला रखने की अनुमति देने वाले एक माडल कानून को बुधवार को मंजूरी दे दी।
मेक माय चॉइस में काूननविदों ने कानून की पढ़ाई पर छात्रों को दिए गुर

मेक माय चॉइस में काूननविदों ने कानून की पढ़ाई पर छात्रों को दिए गुर

अक्‍सर सुनने को मिलता है कि लॉ की पढ़ाई बोझिल है। अमूमन कानून की पढ़ाई से छात्र दूर रहने का मन करते हैं। मेट्रोपोलिटन एजुकेशन में मेक माय चॉयस पर आयोजित गोष्ठी में कानून की पढ़ाई के महत्‍व पर विशेषज्ञों ने जो बेहतर और ज्ञानवर्धक जानकारी दी है, वह छात्रों को इस विषय की ओर अवश्‍य आकर्षित करेगी।
जानिए, यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने पर भारत को क्‍या नुकसान होगा

जानिए, यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने पर भारत को क्‍या नुकसान होगा

ब्रिटेन 28 देशों के यूरोपीय यूनियन से अलग होने की राह पर है। इस अलगाव के बाद भारत और दुनिया की अर्थव्‍यस्‍था पर व्‍यापक असर पड़ने लगा है। दुनिया भर के बाजार गिरने का खतरा मंडरा रहा है। भारतीय शेयर बाजार में प्री ओपनिंग में सेंसेक्स 900 अंक तक गिर गया है। निफ्टी में भी 300 अंक की गिरावट दर्ज की गई है। रुपया भी डॉलर के मुकाबले 68 रुपए के स्‍तर से अधिक हो गया है। ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड 30 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
ईयूू से अलग होने के लिए ब्रिटेन में जनमत संग्रह, कहीं मुसलमानों का डर तो नहीं

ईयूू से अलग होने के लिए ब्रिटेन में जनमत संग्रह, कहीं मुसलमानों का डर तो नहीं

आर्थिक रुप से जुड़े यूरोप के देशों के संगठन यूरोपीय यूनियन से अलग होने के लिए ब्रिटेन में जनमत संग्रह हो रहा है। मीडिया में खबर आ रही है कि मुसलमानों के डर की वजह से भी इस तरह का जनमत संग्रह कराया जा सकता है। जनता के फैसले के बारे मेंं शुक्रवार को पता चलेगा। सबसे बड़ा सवाल है कि ब्रिटेन जमनत संग्रह क्यों करा रहा है। जानकारों का कहना है कि मुस्लिम प्रवासियों की बढ़ती तादाद से ब्रिटेन को खासी चिंता है।
एक करोड़ रुपये से ज्यादा सरकारी अनुदान पाने वाले एनजीओ लोकपाल के दायरे में

एक करोड़ रुपये से ज्यादा सरकारी अनुदान पाने वाले एनजीओ लोकपाल के दायरे में

सरकार से अनुदान के तौर पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा रकम और विदेशों से 10 लाख रुपये से अधिक दान प्राप्त करने वाले गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अब लोकपाल के दायरे में आएंगे। नए नियमों के तहत, इस तरह के एनजीओ के पदाधिकारियों को लोक सेवक माना जाएगा और अनियमितताओं के मामले में भ्रष्टाचार-रोधी कानून के तहत इन पर मामला चलाया जाएगा।
सरकार उनकी है , जो चाहे कर लें : संगीत सोम

सरकार उनकी है , जो चाहे कर लें : संगीत सोम

कैराना में हिंदुओ के कथित पलायन के ख़िलाफ़ निर्भय यात्रा निकालने का प्रयास करने वाले भाजपा विधायक संगीत सोम का दावा है कि उन्होंने प्रशासन को पंद्रह दिन का अल्टीमेटम दिया है और इस बीच क्षेत्र में क़ानून व्यवस्था की यदि हालत नहीं सुधरी तो वह पुनः यात्रा निकालेंगे । पेश हैं इसी मुद्दे पर भाजपा के फ़ायर ब्रांड विधायक संगीत सोम से रवि अरोड़ा की ख़ास बातचीतः
मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग, एफसीआरए को निरस्त करे भारत

मानवाधिकार विशेषज्ञों की मांग, एफसीआरए को निरस्त करे भारत

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने भारत से उस कानून को निरस्त करने का आह्वान किया है, जिसमें गैर-सरकारी संगठनों को मिलने वाले विदेशी अनुदान को रोकने के प्रावधान हैं।
‘राय’ पर अलग राय से छिना अलका का पद

‘राय’ पर अलग राय से छिना अलका का पद

आम आदमी पार्टी में प्रवक्ता पद की हैसियत पर अलका का वक्त खत्म हो गया है। पिछले दिनों परिवहन मंत्री गोपाल राय को हटाने पर पार्टी की लाइन से बाहर जाने पर उन्हें यह सजा मिली है।
अदालत की नाफरमानी

अदालत की नाफरमानी

कुछ समय पहले दिल्ली उच्च न्यायालय की पार्किंग में काम करने वाले लड़के की आंतों में इन्फेक्शन हुआ। एक नामी अस्पताल में उसका इलाज चला। उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन ने लड़के को प्रमाणपत्र दिया कि गरीब होने के कारण उसका नि:शुल्क इलाज किया जाए। कुछ समय तक लड़के का इलाज चला लेकिन पैसे न होने के चलते अस्पताल ने इलाज बीच में रोक दिया। लड़के की मौत हो गई। अस्पताल ने बिना फीस अदा किए शव देने से इनकार कर दिया। उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों ने अस्पताल के 5 लाख 70 हजार रुपये अदा किए और अस्पताल से शव लेकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया। दिल्ली उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन पूर्व अध्यक्ष, यूरोपियन यूनियन में प्रिंसीपल काउंसिल और भारत के पूर्व अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल एडवोकेट अमरजीत सिंह चंदोक इस घटना का जिक्र करते हुए पूछते हैं, 'जब दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों के यह हाल है तो क्या देश के दूसरे कोने के हालात बताने की जरूरत है?
चर्चाः ‌हथियारों के दलालों को कानूनी मान्यता | आलोक मेहता

चर्चाः ‌हथियारों के दलालों को कानूनी मान्यता | आलोक मेहता

हथियारों की दलाली को लेकर लगभग 30 वर्षों तक राजनीति करने वालों ने आखिरकार दिमाग ही नहीं बदला, नियम-कानून भी बदल दिये। राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने हथियारों से सौदों में किसी भी तरह के दलाल और दलाली पर प्रतिबंधात्मक कड़ा कानून बना दिया था और दुनिया के देशों को कहा गया कि रक्षा संबंधी समझौते और खरीदी सीधे सरकारों के माध्यम से ही होगी।
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