योग गुरु बाबा रामदेव ने रविवार को उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव और उनके मुख्यमंत्री पुत्र अखिलेश यादव से मुलाकात की।
भारत माता की जय नारे को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी के खिलाफ हैदराबाद पुलिस ने आज मामला दर्ज किया। रामदेव पर आरोप है कि उन्होंने कहा था कि भारत माता की जय का नारा नहीं लगाने पर वह लाखों लोगों का सिर कलम कर सकते हैं।
पूरी दुनिया में अपने कॉल सेंटरों, बड़े-बड़े मॉल और बड़ी कंपनियों के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध गुड़गांव अब नए नाम से पहचाना जाएगा। हरियाणा सरकार ने गुड़गांव शहर का नाम बदलकर गुरु ग्राम करने का फैसला किया है।
भारत माता की जय विवाद को हवा देते हुए योग गुरू रामदेव ने कहा है कि वह देश के कानून और संविधान का सम्मान करते हैं नहीं तो इस नारे का विरोध करने वाले लाखों लोगों के शीश कलम कर दिये गये होते। उनके इस बयान की विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की है।
पिछले दिनों जेएनयू में आयोजित एक विवादित कार्यक्रम और उसमें कथित तौर पर संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के समर्थन में की गई नारेबाजी के मामले में कुछ छात्रों को सजा देने के मुद्दे पर जेएनयू ने कानूनी राय मांगी है। कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारे भी लगाए गए थे।
आईआईटी बॉम्बे के शिक्षकों के एक समूह ने कहा है कि उच्च शिक्षा के कुछ संस्थान ऐसी गतिविधियों की शरणस्थलियां बन गए हैं, जो राष्ट्रहित में नहीं हैं। शिक्षकों के इस समूह ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अपील की है कि वे छात्रों को परिसरों में विचारधाराओं के युद्ध का पीड़ित न बनने का संदेश दें।
कश्मीर घाटी में पृथकतावादी संगठनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल की वजह से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अफजल गुरू प्रकरण के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एस ए आर गिलानी और जेएनयू छात्रों को देशद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ इस हड़ताल का आह्वान किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट मे दावा किया कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ही परिसर में उस कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी की गई थी।
केंद्रीय जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई के लिए देश भर के छात्र संगठन लामबंद हो गए हैं। आज वामपंथी दलों के छात्र संगठनों के अलावा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई, कांग्रेस का छात्रसंगठन), जदयू, आरजेडी और स्टूडेंट्स फ्रंट फॉर स्वराज जैसे छात्र संगठन एक मंच पर आए। इनके नेताओं ने ऐलान किया कि कन्हैया को बिना शर्त रिहा किया जाए अन्यथा सरकार देशव्यापी छात्र आंदोलन के लिए तैयार रहे।