Home राजनीति क्षेत्रीय दल अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जाने से रोका गया, योगी ने कहा- हिंसा रोकने लिए उठाया कदम

अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जाने से रोका गया, योगी ने कहा- हिंसा रोकने लिए उठाया कदम

आउटलुक टीम - FEB 12 , 2019
अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जाने से रोका गया, योगी ने कहा- हिंसा रोकने लिए उठाया कदम
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे थे अखिलेश यादव
आउटलुक टीम

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर प्लेन में चढ़ने से रोक दिया गया। वह इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने कहा कि एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण कार्यक्रम से सरकार इतनी डर रही है कि मुझे लखनऊ हवाई-अड्डे पर रोका जा रहा है! अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार छात्र नेताओं के शपथग्रहण समारोह से डर गई है और उसने मुझे एयरपोर्ट पर रोक दिया, ताकि इलाहाबाद न जा सकूं।” अखिलेश यादव ने अपने  आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से तस्वीरें भी साझा कीं, जिसमें उन्हें एयरपोर्ट के भीतर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करते देखा जा सकता है।

अखिलेश यादव ने इसके विरोध में ट्विटर पर लिखा, “बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एक मात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने जाना था। अखिलेश यादव ने इस पर ट्वीट कर विरोध दर्ज किया। हालांकि, अखिलेश यादव को रोके जाने के बारे में जब एयरपोर्ट डायरेक्टर ए.के. शर्मा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मेरे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।”

अराजकता रोकने के लिए अखिलेश को रोका गया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कहा कि प्रयागराज में अभी कुंभ चल रहा है। 10 दिन पहले अखिलेश कुंभ गए थे। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अराजकता न हो इसलिए अखिलेश को रोका गया है। सपा अराजकता फैलाने के लिए जानी जाती है और अखिलेश जाते तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल होता। इसलिए उन्हें रोका गया है। उन्होंने कहा, “इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने सरकार से उनकी यात्रा को रोकने का आग्रह किया था और तभी सरकार ने ऐसा कदम उठाया।

खीझ छिपाने के लिए दिया ऐसा बयान

 सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बतलाता है कि सरकार कितनी डरी हुई है। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह बयान अपनी घबराहट को छिपाने के लिए दिया है। उन्होंने कहा, “अगर वास्तव में ऐसी समस्या होती तो पुलिस को आपत्ति होती या फिर मेरे कार्यक्रम में बदलाव की मांग करती।”

उधर, इस ‌विवाद के बाद उत्तर प्रदेश के विधानसभा में काफी हंगामा हुआ। जैसे ही समाजवादी पार्टी के सदस्यों को एयरपोर्ट पर अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को रोके जाने की खबर मिली, उन्होंने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मामले को उठाने की कोशिश की।

समाजवादी पार्टी के नेता नरेंद्र वर्मा ने कहा, “मौजूदा सरकार लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश कर रही है और उनके नेता को इलाहाबाद जाने से रोका जा रहा है।” सपा सदस्य विधानसभा के वेल में चले गए, जिससे विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को सदन को 20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। यह मामला विधान परिषद में भी उठा और सदन को 25 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा।

“लोकतंत्र की हत्या”

बसपा प्रमुख मायावती ने इस मामले में कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आज इलाहाबाद नहीं जाने देने के  लिए उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही रोक लेने की घटना अति-निन्दनीय और भाजपा सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या की प्रतीक है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, “क्या बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकार बीएसपी-सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि करने पर भी रोक लगाने पर वह तुल गई है।”

राज्यसभा में भी हंगामा

लखनऊ एयरपोर्ट पर रोके जाने के विरोध में राज्यसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी के सांसदों के हंगामे की वजह से सदम को पहले डेढ़ घंटे के लिए स्थगित किया गया। जब राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो सपा सांसद वेल में जा पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे।

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