Home राजनीति राष्ट्रीय दल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखने टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी ने चुनाव आयोग से मांगा मौका

राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखने टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी ने चुनाव आयोग से मांगा मौका

आउटलुक टीम - SEP 10 , 2019
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखने टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी ने चुनाव आयोग से मांगा मौका
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बरकरार रखने टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी ने चुनाव आयोग से मांगा मौका
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने चुनाव आयोग से ‘राष्ट्रीय दल’ का उनका दर्जा बरकरार रखने का अनुरोध करते हुए कहा है कि उन्हें आगामी चुनावों में प्रदर्शन बेहतर करने का एक मौका दिया जाना चाहिए। आयोग ने पिछले लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय दल की मान्यता के अनुरूप नहीं रहने का हवाला देते हुए इन्हें नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न इनका राष्ट्रीय दल का दर्जा समाप्त कर दिया जाए।

तीनों राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग के सामने पेश अपने जवाब में दलील दी है कि पुराने राजनीतिक दल होने के साथ-साथ, राष्ट्रीय राजनीति में उनका अहम योगदान रहा है। इसलिए राष्ट्रीय दल के रूप में उनकी मान्यता का आकलन पिछले चुनावी प्रदर्शन के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि उन्होंने अपने जवाब में आयोग से कहा है उनकी पार्टी कांग्रेस के बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी है और स्वतंत्रता आंदोलन में भी उसकी अग्रणी भूमिका रही। उन्होने लोकसभा में सीपीआई के मुख्य विपक्षी दल (पूर्व में) होने का भी हवाला देते हुए पार्टी का राष्ट्रीय दल का दर्जा बहाल रखने का आयोग से अनुरोध किया है। पार्टी ने अपने जवाब में कहा कि भले ही पिछले लोकसभा चुनाव में सीपीआई का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा लेकिन विभिन्न राज्यों में वामदल की सरकार रहने और संविधान को मजबूत बनाने में पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस की मांग- 2024 तक रहे दर्जा

तृणमूल कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस ने दलील दी है कि उसे 2014 में राष्ट्रीय दल का दर्जा दिया गया था और इसे कम से कम 2024 तक जारी रखा जाना चाहिए।

10 सीटें जीतकर बची बीएसपी

बता दें कि टीएमसी, सीपीआई और एनसीपी के अलावा बीएसीपी के ऊपर भी राष्ट्रीय दल का दर्जा खत्म होने की तलवार लटक रही थी, लेकिन लोकसभा की 10 और कुछ विधानसभा सीटें जीतने की वजह से वह इस संकट से फिलहाल बच गई है।

एनसीपी ने दी ये दलील

एनसीपी के वरिष्ठ नेता माजिद मेमन ने कहा कि उनकी पार्टी 15 साल तक महाराष्ट्र में सत्ता में थी। साथ ही एनसीपी ही एकमात्र दल है जिसे उसकी स्थापना के वक्त से ही राष्ट्रीय दल का दर्जा मिला हुआ है क्योंकि पार्टी बनने के फौरन बाद हुए चुनाव में उसका प्रदर्शन राष्ट्रीय दल का दर्जा पाने के मानकों के मुताबिक रहा।

क्या हैं नियम

चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968 के अंतर्गत किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल का दर्जा तब मिलता है जब उसके प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में कम से कम 6 फीसदी मत प्राप्त करें या उसके चार सदस्य चुने जाएं या विधानसभा चुनावों में कम से कम 4 या इससे ज्यादा राज्यों में 6 प्रतिशत वोट प्राप्त हों। बता दें है कि इन मानकों के तहत कांग्रेस, भाजपा, बीएसपी, सीपीआई, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और नेशनल पीपुल्स पार्टी ऑफ मेघालय को राष्ट्रीय दल का दर्जा मिला हुआ है।

इनपुट एजेंसी

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