Home राजनीति राष्ट्रीय दल गोवा में भी कांग्रेस के सामने संकट, 15 में से 10 विधायक भाजपा में हुए शामिल

गोवा में भी कांग्रेस के सामने संकट, 15 में से 10 विधायक भाजपा में हुए शामिल

आउटलुक टीम - JUL 11 , 2019
गोवा में भी कांग्रेस के सामने संकट, 15 में से 10 विधायक भाजपा में हुए शामिल
गोवा में भी कांग्रेस के सामने संकट, 15 में से 10 विधायक भाजपा में हुए शामिल
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कर्नाटक के बाद गोवा में कांग्रेस के सामने संकट पैदा हो गया है। गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 (दो-तिहाई) विधायकों के एक समूह ने बुधवार को कांग्रेस से नाता तोड़ भाजपा में विलय की इच्छा जतायी है। नेता विपक्ष चन्द्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में विधायकों का समूह बुधवार शाम विधानसभा अध्यक्ष से मिला और उन्हें कांग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी देते हुए एक पत्र सौंपा। गोवा में अभी बीजेपी की सरकार है। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस के पास महज 5 विधायक रह जाएंगे। अब 40 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 27 विधायक हो गए हैं। वहीं सभी विधायक गुरुवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ दिल्ली पहुंचे। वे यहां पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलेंगे। 

इन विधायकों में अतानासियो मोन्सेराते, जेनिफर मोन्सेराते, फ्रांसिस सिल्वेरा, फिलिप नेरी रॉड्रिग्स, सी डियाज, विल्फ्रेड डीसा, नीलकांत हलारंकार और इसिडोर फर्नांडीज शामिल हैं। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत शाम करीब 7.30 बजे विधायकों के विधानसभा परिसर पहुंचने से पहले वहां मौजूद थे। इसके अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष माइकल लोबो भी वहीं पर थे।

ये है स्थिति

कांग्रेस के 10 विधायकों के पाला बदलने के बाद अब विधानसभा में उसके पास सिर्फ पांच विधायक बचे हैं।  विधानसभा में भाजपा के सबसे ज्यादा 17, गोवा फॉरवर्ड पार्टी के तीन, तीन निर्दलीय विधायक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तथा महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के एक-एक विधायक हैं।

कावलेकर ने क्या कहा?

इस दौरान कावलेकर ने भाजपा में विलय का कारण बताते हुए कहा कि उन्होंने और अन्य विधायकों ने भाजपा में शामिल होने का फैसला इसलिये लिया क्योंकि विपक्ष में होने के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों में बाधाएं आ रही थीं।

कावलेकर ने कहा, 'हमने सावंत के काम का तरीका देखा है। वह राज्य के विकास के लिये काम कर रहे हैं। हमने उनसे हाथ मिलाने का फैसला किया है। विपक्ष में रहकर हमारे विकास कार्यों में बाधाएं आ रही थीं।' कावलेकर ने दावा किया कि वे बिना शर्त भाजपा में शामिल हुए हैं।

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