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भाजपा को पटखनी देने के लिए सपा-बसपा ने बदली रणनीति, प्रियंका आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भरेंगी उत्साह

प्रदेश में लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने में लगे हुए...
भाजपा को पटखनी देने के लिए सपा-बसपा ने बदली रणनीति, प्रियंका आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भरेंगी उत्साह

प्रदेश में लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहा है, राजनीतिक दल अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने में लगे हुए हैं। इस बार सपा और बसपा के साथ कांग्रेस भी भाजपा के राह में रोड़े अटकाने वाली है। सपा-बसपा ने जहां अपनी रणनीति में बदलाव किया है, वहीं कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा की एंट्री से कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जोश से लबरेज हैं, सूनसान रहने वाले कार्यालय पर जमावड़ा लगा हुआ है।

भाजपा के मिशन 73 प्लस को रोकने के लिए सपा-बसपा गठबंधन ने रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। सबसे पहले उन मुद्दों को हल किया गया है, जिन्हें लेकर समस्याएं सामने आ रही थीं। सहयोगी दलों में सीटों को लेकर भी सहमति बन गई है। रालोद को वेस्ट यूपी में तीन से चार सीटें मिलने की उम्मीद हैं। इसके अलावा सपा किस सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, बसपा किस सीट पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और सहयोगी दलों को कौन सीटें दी जाएंगीं, यह भी तय हो चुका है। इससे पहले बसपा अपने प्रत्याशियों की घोषणा चुनाव के दो या तीन माह पूर्व ही कर देती थी। इस बार बसपा ने लोकसभा प्रभारियों की घोषणा तो की है, लेकिन ये लोकसभा प्रभारी ही चुनाव लड़ेंगे, ये तय नहीं है। अंत में परिस्थितियों को देखते हुए बदलाव भी किया जा सकता है। इसी बदली रणनीति के तहत बसपा सुप्रीमो मायावती का सोशल मीडिया पर आने का भी फैसला है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले, स्मारकों में लगे मूर्तियों को लेकर भी बसपा सतर्क है। बसपा ने इसे लेकर प्रतिक्रिया दी है कि कोर्ट में अपना पक्ष पूरी मजबूती के साथ आगे भी रखा जाएगा। हमें पूरा भरोसा है कि इस मामले में भी न्यायालय से पूरा इंसाफ मिलेगा। मीडिया और बीजेपी के लोग कटी पतंग ना बनें तो बेहतर है।

सपा ने बैठकों में बसपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं। गठबंधन के बाद निचले स्तर पर सामंजस्य के लिए यह रणनीति अपनाई गई है, ताकि निचले स्तर पर भी वही सामंजस्य हो, जो उच्च स्तर पर है। इसके लिए जिला स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि दोनों ही दलों के कार्यकर्ता मिलकर बूथ स्तर पर भी अपनी तैयारियों को एक दूसरे से साझा करें। बूथ स्तर पर जिस मतदाता सूची का अभी प्रकाशन हुआ है, उसका सत्यापन मिलकर करें। इसी तरह सपा भी अपने सीटों पर लोकसभा उम्मीदवारों को लेकर मंथन कर रही है। कुछ सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा होने के कारण अभी फाइनल मुहर नहीं लगी है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गठबंधन में कौन किस सीट पर चुनाव लड़ेगा के बारे में बताया कि वक्त आने पर रणनीति का खुलासा किया जाएगा। हम अपनी रणनीति के तहत काम कर रहे हैं।

ऐतिहासिक स्वागत को दिग्गजों की टीम लगी

लखनऊ में 11 फरवरी को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और ज्योतिरादित्य सिंधिया की भव्य लांचिंग होने वाली है। इसके लिए अमौसी एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय माल एवेन्यू तक रूट चार्ट तैयार हो चुका है। जगह-जगह किए जाने वाले स्वागत के स्थल चिन्हित हो चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दिल्ली से लखनऊ पहुंचने का क्रम जारी है। राष्ट्रीय सचिव जुबेर खान, महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव शुक्ल, पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के साथ मिलकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। स्वागत कार्यक्रम के बाद प्रियंका गांधी राजधानी के निकटस्थ जनपदों के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से भेंट-मुलाकात करेंगीं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि गांधी परिवार का कोई सदस्य अरसे बाद चार दिन तक प्रदेश में रुकेगा।

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