Home राजनीति राष्ट्रीय दल सोनिया का पीएम मोदी पर हमला, कहा-सरकार ने लोकतांत्रिक होने का दिखावा भी छोड़ा, आर्थिक पैकेज बना क्रूर मजाक

सोनिया का पीएम मोदी पर हमला, कहा-सरकार ने लोकतांत्रिक होने का दिखावा भी छोड़ा, आर्थिक पैकेज बना क्रूर मजाक

आउटलुक टीम - MAY 22 , 2020
सोनिया का पीएम मोदी पर हमला, कहा-सरकार ने लोकतांत्रिक होने का दिखावा भी छोड़ा, आर्थिक पैकेज बना क्रूर मजाक
विपक्षी दलों की बैठक में बोलीं सोनिया गांधी, सरकार ने लोकतांत्रिक होने का दिखावा भी छोड़ा, हर मोर्चे पर विफल
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को समान विचारधारा वाली देश की 22 बड़ी विपक्षी पार्टियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने खुद के लोकतांत्रिक होने का दिखावा करना भी छोड़ दिया है। इस सरकार में संघवाद की भावना को भुला दिया गया है और विपक्ष की मांगों को अनसुना कर दिया गया। सरकार लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों को लेकर असमंजस में है और ना ही उसने इससे निकलने की कोई रणनीति तैयार की है। संकट के इस समय भी सारी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय तक सीमित हैं। सरकार का 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज भी देश के लिए क्रूर मजाक बन गया है।

बैठक में चर्चा की शुरुआत से पहले नेताओं ने बंगाल और उड़ीसा में आए ‘अम्फान’ चक्रवात के कारण मारे गए लोगों की याद में मौन रखा। बैठक में कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रवासी मजदूरों की स्थिति, गिरती अर्थव्यवस्था और आर्थिक पैकेज पर चर्चा हुई। 

पहले ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा था देश

कांग्रेस अध्यश्र सोनिया गांधी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने से पहले ही देश आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। नोटबंदी और त्रुटिपूर्ण जीएसटी इसके प्रमुख कारण थे। आर्थिक गिरावट 2017-18 से शुरू हुई। सात तिमाही तक अर्थव्यवस्था का लगातार गिरना सामान्य नहीं था फिर भी सरकार गलत नीतियों के साथ आगे बढ़ती रही। 

21 दिन लड़ाई जीतने का अंदाजा गलत साबित हुआ

उन्होंने कहा कि जैसा कि हम जानते हैं कि 11 मार्च को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किया। पूरे विपक्ष ने सरकार को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया था। यहां तक कि जब 24 मार्च को केवल चार घंटे के नोटिस में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया, तब भी हमने इस फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में प्रधानमंत्री का पहला अंदाजा कि 21 दिन में हम लड़ाई जीत लेंगे, गलत साबित हुआ। ऐसा लगता है कि वायरस दवा बनने तक मौजूद रहने वाला है। मेरा मानना है कि सरकार लॉकडाउन के मापदंडों को लेकर निश्चित नहीं थी। उसके पास इससे बाहर निकलने की कोई रणनीति भी नहीं है।

प्रवासियों के हालात बयां कर रहे हैं महामाही की तस्वीर

उन्होंने कहा कि 12 मई को प्रधानमंत्री की बड़े 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा और वित्त मंत्री द्वारा पांच दिनों तक उसकी जानकारियां देते रहना इस देश के लिए एक क्रूर मजाक बन गया है। सोनिया गांधी ने कहा कि इस महामारी की असल तस्वीर सैकड़ों किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे लाखों प्रवासी मजदूर और उनके बच्चे बयां कर रहे हैं जो बिना पैसे, भोजन या दवाओं के चल रहे हैं और केवल अपने घर जाना चाहते हैं। सरकार ने प्रवासियों,13 करोड़ परिवारों की बड़ी क्रूरता से अनदेखी की है।

विपक्ष की मांगों को किया गया अनसुना

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कई समान विचारधारा वाली पार्टियां मांग कर चुकी हैं कि गरीबों के खातों में पैसे डाले जाएं, सभी परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाए और घर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों को बस एवं ट्रेन की सुविधा दी जाए। हमने यह मांग भी की थी कि कर्मचारियों एवं नियोजकों की सुरक्षा के लिए ‘वेतन सहायता कोष’ बनाया जाए लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई।

सोनिया गांधी ने कहा कि कई जानेमाने अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि 2020-21 में हमारे देश की विकास दर -5 प्रतिशत हो सकती है। इसके नतीजे भयावह होंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के पास कोई समाधान नहीं होना चिंता की बात है, लेकिन उसके पास गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के प्रति करूणा का नहीं होना हृदयविदारक है।

इन नेताओं ने लिया भाग

बैठक में  पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा, राहुल गांधी, शरद पवार,पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम, हेमंत सोरेन, सीता राम येचुरी, एमके स्टालिन, डी राजा, शरद यादव, उपेंद्र कुशवाहा, तेजस्वी यादव, उमर अब्दुल्ला, जीतन राम मांझी, एनके प्रेमचंद्रन , जयंत सिंह, बदरुद्दीन अजमल, राजू शेट्टी, पीके कुन्हालिकुट्टी, थिरुमावलवन, जोस के. मानी, डेरेक ओ'ब्रायन, मनोज के झा, कोण्डाराम, प्रफुल्ल पटेल, संजय राउत मौजूद हैं। गुलाम नबी आज़ाद, नेता विपक्ष (राज्यसभा) बैठक का संचालन किया।  अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता उनका सहयोग किया। वहीं,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटोनी, अहमद पटेल, के.सी. वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद रहे।

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