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विपक्षी दलों को मुख्यमंत्री बघेल की नसीहत- गठबंधन और नेतृत्व के मुद्दे पर किए जाने चाहिए गंभीर प्रयास, जानें और क्या कहा

भाजपा के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने को लेकर हुए ट्विटर जंग के एक दिन बाद शनिवार को छत्तीसगढ़ के...
विपक्षी दलों को मुख्यमंत्री बघेल की नसीहत- गठबंधन और नेतृत्व के मुद्दे पर किए जाने चाहिए गंभीर प्रयास, जानें और क्या कहा

भाजपा के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व करने को लेकर हुए ट्विटर जंग के एक दिन बाद शनिवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गठबंधन और नेतृत्व के मुद्दे पर गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय सतही तौर पर नहीं हो सकता है।


मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को दिल्ली रवाना होने से पहले रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वह रविवार को वाराणसी में पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाद्रा की एक रैली में शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने बघेल को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

शुक्रवार को उनके ट्वीट पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस के जवाब के सबंध में बघेल से पूछा गया तब उन्होंने कहा कि 'इस पर बयान पहले ही दिया जा चुका है। जहां तक गठबंधन और नेतृत्व का संबंध है, गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। इसे सतही तौर पर तय नहीं किया जा सकता है।'

जाने-माने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्वीट के बाद, बघेल ने शुक्रवार को ट्वीट किया था कि कांग्रेस के चुनाव नहीं जीत पाने वाले नेताओं को अपने पाले में मिलाकर 'राष्ट्रीय विकल्प' बनने की उम्मीद कर रहे लोगों को बहुत निराशा होगी क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प के मुद्दे का कोई त्वरित समाधान नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री बघेल ने कांग्रेस की पूर्व सांसद और महिला इकाई की प्रमुख सुष्मिता देव और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुईजिन्हो फालेरियो को तृणमूल में शामिल किए जाने का संकेत करते हुए यह कही थी।

हालांकि बघेल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने बघेल की टिप्पणी को 'आलाकमान को खुश करने का घटिया प्रयास' कहा था।

वहीं उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी घटना को लेकर बघेल ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और सवाल किया कि केंद्र और पार्टी के नेता इस मामले पर चुप क्यों हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, ‘‘भाजपा का रुख किसान विरोधी रहा है। वह किसानों को रौंद (लखीमपुर खीरी घटना का हवाला देते हुए) भी देते हैं और उन्हें उसका खेद नहीं है। अभी तक केंद्र सरकार और भाजपा नेताओं ने इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है।’’

 

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