Home राजनीति राष्ट्रीय दल आतंकी मसूद का बचाव करने वाले चीन से डर गए हैं पीएम मोदी, अब तक दो शब्द नहीं बोले: राहुल

आतंकी मसूद का बचाव करने वाले चीन से डर गए हैं पीएम मोदी, अब तक दो शब्द नहीं बोले: राहुल

आउटलुक टीम - MAR 14 , 2019
आतंकी मसूद का बचाव करने वाले चीन से डर गए हैं पीएम मोदी, अब तक दो शब्द नहीं बोले: राहुल
राहुल गांधी और पीएम नरेंद्र मोदी
File Photo
आउटलुक टीम

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के राह में चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगाए जाने के बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को कमजोर प्रधानमंत्री करार दिया है। उन्‍होंने प्रधानमंत्री का रिएक्‍शन न आने को लेकर भी हमला बोला है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने गुरुवार को अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा, कमजोर मोदी शी जिनपिंग से डर गए। चीन ने मसूद पर पाबंदी लगाने वाली कार्रवाई को रोक दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्‍द भी नहीं निकला।

ये है नमो की चीन को लेकर कूटनीति

1 गुजरात में शी के साथ झूला झुले

2 दिल्‍ली में शी से गले मिले

3 चीन में शी के सामने झुक गए

इससे पहले कांग्रेस की ओर से रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट कर कहा, आज फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को चीन-पाक गठजोड़ ने आघात पहुंचाया है। 56 इंच की ‘Hugplomacy’ और झूला-झुलाने के खेल के बाद भी चीन-पाकिस्तान का जोड़ भारत को ‘लाल-आंख’ दिखा रहा है। एक बार फिर एक विफल मोदी सरकार की विफल विदेश नीति उजागर हुई।

चीन ने एक बार फिर लगाया अड़ंगा

पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में बुधवार को चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया है। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर फैसले से कुछ मिनट पहले चीन ने वीटो का उपयोग करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था। इससे पहले 2017 में भी चीन ने ऐसा ही किया था।

10 साल में यह चौथा प्रस्ताव 

बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था। कमेटी आम सहमति से निर्णय करती है। उल्लेखनीय है कि सारी नजरें चीन पर थी क्योंकि वह पहले भी संयुक्त राष्ट्र द्वारा अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की कोशिशों में रोड़ा अटका चुका है। अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की बात पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कंग ने कहा, 'मैं फिर दोहराता हूं कि चीन हमेशा अपने रवैये के मुताबिक जिम्मेदारी निभाता रहेगा और यूएनएससी 1267 समिति की बैठक में हिस्सा लेगा। हम सभी पक्षों के साथ इस मामले को लेकर सम्पर्क में हैं और इस मामले से परस्पर तरीके से निपटेंगे।'

कौन है मसूद?

50 वर्षीय अजहर ने भारत में कई आतंकवादी हमले कराए हैं और वह संसद, पठानकोट वायुसेना स्टेशन, उरी तथा जम्मू-कश्मीर में कई अन्य जगह सैन्य शिविरों पर हमले और हाल में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आत्मघाती हमले का साजिशकर्ता है। पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश के हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। इससे पहले सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने की कई कोशिशों को पाकिस्तान का मित्र चीन बाधित कर चुका है।

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