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'कुत्ता-बिल्ली' वाले बयान पर भड़का विपक्ष, कहा- 'क्या शाह ने PM की तुलना प्राकृतिक आपदा से की’

कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कुत्ता-बिल्ली वाले बयान को लेकर उनकी...
'कुत्ता-बिल्ली' वाले बयान पर भड़का विपक्ष, कहा- 'क्या शाह ने PM की तुलना प्राकृतिक आपदा से की’

कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कुत्ता-बिल्ली वाले बयान को लेकर उनकी निंदा की है। विपक्षी पार्टियों ने कहा कि अमित शाह राजनीतिक चर्चा को एक 'नए निचले स्तर' पर ले गए हैं।

भाकपा और तृणमूल कांग्रेस ने भी शाह के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी सत्तारूढ़ राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से इस तरह के बयान की अपेक्षा नहीं रखता है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि अमित शाह की टिप्पणियां 'शर्मनाक' हैं। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। वे बार-बार राजनीतिक चर्चा को निचले से निचले स्तर तक घसीट कर ले गए हैं। यह शर्मनाक है। हम उनसे और क्या उम्मीद कर सकते हैं। यह उनके डीएनए में है।

वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला ने भी ट्वीट किया, 'क्या भाजपा अध्यक्ष ने माननीय प्रधानमंत्री की प्राकृतिक आपदा से तुलना की?

 

कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अमित शाहजी, बाढ़ प्रलय लाती है, बर्बाद करती है, वैसे ही जैसे मोदी-शाह की जोड़ी ने देश के ‘किसान’, ‘बेरोज़गार नौजवान’, दलित/आदिवासियों’, ‘दुकानदार/उद्यमी’ को बर्बाद किया है। वह ये न भूलें कि बाढ़ कुछ समय के लिए आती है। हम सब भारतीय भाईचारे के बांध बनाकर इस त्रासदी को रोक देंगें।

 

वहीं, भाकपा नेता डी राजा ने कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से कोई भी इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं करता है। उन्होंने कहा, 'वह राज्यसभा के भी सदस्य हैं और उन्हें पता होना चाहिए कि हम सभी लोकतांत्रिक पार्टियां हैं। इस देश के लोग उन्हें कड़ा जवाब देंगे।'

तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि शाह ने 'खराब भाषा' का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा, 'बेशक हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, क्या हम किसी सत्तारूढ़ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से ऐसी भाषा की उम्मीद कर सकते हैं? मूल शिष्टाचार पूछने के लिए बहुत कुछ है।

जानिए क्या बोले थे अमित शाह

गौरतलब है कि शुक्रवार को अमित शाह ने भाजपा के स्थापना दिवस पर मुंबई में एक रैली में कहा था, '2019 (चुनाव) के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। विपक्षी एकजुटता की कोशिश हो रही है। जब भारी बाढ़ आती है तो सब कुछ बह जाता है। केवल एक वटवृक्ष बचता है और बढ़ते पानी से खुद को बचाने के लिए सांप, नेवला, कुत्ते और बिल्लियां और अन्य जानवर साथ आ जाते हैं। ' उन्होंने कहा था, 'मोदी बाढ़ के कारण सभी बिल्ली, कुत्ते, सांप और नेवला मुकाबला करने साथ आ रहे हैं।'

 

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