Home राजनीति राष्ट्रीय दल 22 विपक्षी दलों ने की अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग, प्रस्ताव पारित

22 विपक्षी दलों ने की अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग, प्रस्ताव पारित

आउटलुक टीम - MAY 22 , 2020
22 विपक्षी दलों ने की अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग, प्रस्ताव पारित
कोरोना संकट पर विपक्षी दलों की बैठक शुरू, 22 पार्टियां मौजूद
आउटलुक टीम

कोरोना महामारी और अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों की बैठक जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई इस गई इस बैठक में 22 राजनीतिक दल हिस्सा ले रहे हैं। जबकि सपा, बसपा और आप ने बैठक से किनारा कर लिया है। इस दौरान पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आए अम्फान चक्रवात को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी की गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता आरएस सुरजेवाला ने ट्वीट किया, "कोविद -19 और आर्थिक महामारी पर चर्चा के लिए समान सोच रखने वाले 22 राजनीतिक दलों की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में अम्फान साइक्लोन से हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया गया।"

अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग

22 विपक्षी दलों ने शुक्रवार को केंद्र से आग्रह किया कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान की तबाही को तुरंत राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। इस दौरान आपदा के प्रभाव का सामना करने में राज्यों की पर्याप्त मदद करने का आह्वान किया। बैठक में 22 दलों के नेताओं ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया और कहा कि राहत और पुनर्वास इस समय सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर जोर

 वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य समान विचार वाले दलों को एक मंच पर लाना और अपने घरों को लौट रहे लाखों प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का समाधान तलाशना है। सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में 22 विपक्षी दल मौजूद हैं। बैठक में किसानों की समस्याओं और उत्तर प्रदेश सहित भाजपाशासित राज्यों में श्रम कानूनों में बदलावों पर भी विचार विमर्श होगा।

कौन कौन हैं मौजूद

कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी द्वारा बुलाई इस बैठक में  पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा, राहुल गांधी, शरद पवार,पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, झारखंड के सीएम, हेमंत सोरेन, सीता राम येचुरी, एमके स्टालिन, डी राजा, शरद यादव, उपेंद्र कुशवाहा, तेजस्वी यादव, उमर अब्दुल्ला, जीतन राम मांझी, एनके प्रेमचंद्रन , जयंत सिंह, बदरुद्दीन अजमल, राजू शेट्टी, पीके कुन्हालिकुट्टी, थिरुमावलवन, जोस के. मानी, डेरेक ओ'ब्रायन, मनोज के झा, कोण्डाराम, प्रफुल्ल पटेल, संजय राउत मौजूद हैं। गुलाम नबी आज़ाद, नेता विपक्ष (RS) बैठक का संचालन कर रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता उनका सहयोग कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटोनी, अहमद पटेल, के.सी. वेणुगोपाल, मल्लिकार्जुन खड़गे भी उपस्थित हैं।

सपा-बसपा ने नहीं दी सहमति

 कांग्रेस द्वारा बुलाई गई राजनीतिक दलों की बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल सपा और बसपा हिस्सा नहीं ले रहे हैं वहीं अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी भी इससे दूरी बनाई है। कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने कई विपक्षी नेताओं को व्यक्तिगत स्तर पर कॉल किया और प्रवासी मजदूरों के मुद्दे के समाधान के लिए संयुक्त रणनीति बनाने में सहयोग देने का अनुरोध किया।

कांग्रेस ने कहा- संसद को किनारे कर दिया गया

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछे जाने पर इसके बारे में कहा कि जब भी कोई गंभीर मुद्दा आता है, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सामने आते हैं। देश की सबसे बड़ी संस्था संसद को किनारे कर दिया गया है। संसदीय निगरानी लगभग गायब हो चुकी है। लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर कर दी गई हैं। वे लोकतंत्र के लिए अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं।

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