Home राजनीति राष्ट्रीय दल गुपकार गैंग कश्मीर में विदेशी हस्तक्षेप चाहता है, क्या राहुल-सोनिया उनके साथ: अमित शाह

गुपकार गैंग कश्मीर में विदेशी हस्तक्षेप चाहता है, क्या राहुल-सोनिया उनके साथ: अमित शाह

आउटलुक टीम - NOV 17 , 2020
गुपकार गैंग कश्मीर में विदेशी हस्तक्षेप चाहता है, क्या राहुल-सोनिया उनके साथ: अमित शाह
अमित शाह
आउटलुक टीम

कश्मीर में हो रहे पंचायत चुनाव में गुपकार गठबंधन का समर्थन करने को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस को आड़े हाथ ले रही है। अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कहा कि वे जनता के सामने अपना रुख साफ करें।

अमित शाह ने ट्वीट किया, गुपकार गैंग ग्लोबल हो रहा है! वे चाहते हैं कि विदेशी ताकतें जम्मू और कश्मीर में हस्तक्षेप करे। गुपकार गैंग भारत के तिरंगे का भी अपमान करता है। क्या सोनिया जी और राहुल जी गुपकार गैंग की ऐसी चालों का समर्थन करते हैं? उन्हें भारत के लोगों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा कि कांग्रेस और गुपकार गैंग जम्मू-कश्मीर को आतंक और अशांति के युग में वापस ले जाना चाहते हैं। वे अनुच्छेद 370 को हटाकर दलितों, महिलाओं और आदिवासियों के अधिकारों को छीनना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्हें हर जगह लोगों द्वारा अस्वीकार किया जा रहा है।

शाह ने ट्वीट किया कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा। भारतीय लोग अब हमारे राष्ट्रीय हित के खिलाफ अपवित्र ग्लोबल गठबंधन ’को बर्दाश्त नहीं करेंगे। या तो राष्ट्रीय भावनाओं के अनुरूप रहे अन्यथा लोग इसे डुबो देंगे।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। प्रसाद ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से सवाल करते हुए कहा कि क्या वह धारा 370 पर फारूख के साथ या हैं या फिर खिलाफ? प्रसाद ने कहा कि कश्मीर में जो चुनाव हो रहा है, हमें उस पर कांग्रेस पार्टी से सवाल पूछना है। गुपकार डिक्लेरेशन का मुख्य मकसद है 370 को दोबारा लागू कराना। इसके लिए वो चीन की मदद भी मांग रहे हैं। मुफ्ती ने भी ये भी कहा कि जब तक कश्मीर का झंडा नहीं तब तक तिरंगा नहीं। ये इनका पब्लिक स्टैंड है। प्रसाद ने आगे कहा कि आर्टिकल 370 को दोबारा लागू कराने की बात जो कह रहे है वो चाहते हैं कि कश्मीर में भ्रष्टाचार होता रहे। कश्मीर के लोगों को संविधान के द्वारा दिये गए अधिकार न मिले।



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