Home राजनीति राष्ट्रीय दल 'हगप्लोमेसी' के बाद भी चीन-पाक दिखा रहे आंख, मोदी की नाकाम विदेश नीति उजागर: कांग्रेस

'हगप्लोमेसी' के बाद भी चीन-पाक दिखा रहे आंख, मोदी की नाकाम विदेश नीति उजागर: कांग्रेस

आउटलुक टीम - MAR 14 , 2019
'हगप्लोमेसी' के बाद भी चीन-पाक दिखा रहे आंख, मोदी की नाकाम विदेश नीति उजागर: कांग्रेस
'हगप्लोमेसी' के बाद भी चीन-पाक दिखा रहे आंख, मोदी की नाकाम विदेश नीति उजागर: कांग्रेस
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कांग्रेस ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने की कोशिश में चीन के अड़ंगा डालने के बाद बुधवार देर रात भाजपा सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति ‘‘कूटनीतिक आपदाओं’’का सिलसिला है। कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र में इस कवायद में रोड़ा अटकाने को लेकर चीन और पाकिस्तान की भी आलोचना की।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में यह एक दुखद दिन है। उन्होंने आज फिर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को चीन-पाक गठजोड़ ने आघात पहुंचाया है। सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘56 इंच की ‘हगप्लोमेसी’ (गले मिलने की कूटनीति) और झूला-झुलाने के खेल के बाद भी चीन-पाकिस्तान का जोड़ भारत को ‘लाल-आंख’ दिखा रहा है। एक बार फिर एक विफल मोदी सरकार की विफल विदेश नीति उजागर हुई।’’

गौरतलब है कि पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की राह में बुधवार को चीन ने एक बार फिर अड़ंगा लगा दिया है। मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर फैसले से कुछ मिनट पहले चीन ने वीटो का उपयोग करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी। बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था। इससे पहले 2017 में भी चीन ने ऐसा ही किया था।

चीन का अड़ंगा

बीते 10 साल में संयुक्त राष्ट्र में अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने का यह चौथा प्रस्ताव था। कमेटी आम सहमति से निर्णय करती है। उल्लेखनीय है कि सारी नजरें चीन पर थी क्योंकि वह पहले भी संयुक्त राष्ट्र द्वारा अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की भारत की कोशिशों में रोड़ा अटका चुका है। अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की बात पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कंग ने कहा, 'मैं फिर दोहराता हूं कि चीन हमेशा अपने रवैये के मुताबिक जिम्मेदारी निभाता रहेगा और यूएनएससी 1267 समिति की बैठक में हिस्सा लेगा। हम सभी पक्षों के साथ इस मामले को लेकर सम्पर्क में हैं और इस मामले से परस्पर तरीके से निपटेंगे।'

कौन है मसूद?

50 वर्षीय अजहर ने भारत में कई आतंकवादी हमले कराए हैं और वह संसद, पठानकोट वायुसेना स्टेशन, उरी तथा जम्मू-कश्मीर में कई अन्य जगह सैन्य शिविरों पर हमले और हाल में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आत्मघाती हमले का साजिशकर्ता है। पुलवामा में 14 फरवरी को हुए जैश के हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्यों अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। इससे पहले सुरक्षा परिषद में अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने की कई कोशिशों को पाकिस्तान का मित्र चीन बाधित कर चुका है।

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