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डुसू चुनाव दोबारा बैलेट पेपर से कराने की मांग पर अड़ी कांग्रेस, खटखटा सकती है कोर्ट का दरवाजा

SEP 14 , 2018

कांग्रेस ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डुसू) के चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि यह चुनाव फिर से मतपत्रों से कराएं जाएं।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पार्टी ने यह भी कहा कि ईवीएम के साथ ‘छेड़छाड़’ के खिलाफ वह अदालत जाने के विकल्प पर भी गौर कर रही है।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय माकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ ऐसा क्यों होता है कि जब ईवीएम खराब होती है तो वो सिर्फ भाजपा और एबीवीपी की मदद करती हैं। वो कभी कांग्रेस और एनएसयूआई की मदद नहीं करती हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने एक पत्र जारी कर कहा है कि चुनाव आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कोई ईवीएम नहीं दी। यहां तो चुनाव आयोग की कोई बात नहीं थी। हम तो सिर्फ यह कह रहे हैं कि डीयू में मशीनों से छेड़छाड़ हुई है। इस पर तो डीयू को जवाब देना चाहिए, लेकिन चुनाव आयोग जवाब दे रहा है।’’

माकन ने दावा किया, ‘‘ मतदान वाले दिन 12 सितंबर को ईवीएम ठीक चलती रहीं और अगले दिन इनमें खराबी आ गई । पिछली बार भी हमें संयुक्त सचिव के पद पर हरा दिया गया।एनएसयूआई ने पारदर्शिता का आग्रह किया था, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि डुसू चुनाव फिर से मतपत्र से कराएं जाएं। आगे डुसू और अन्य सभी चुनाव भी मत पत्र से होने चाहिए। हम यह भी चाहते हैं कि कैमरे की निगरानी में मतगणना होनी चाहिए। ’’

माकन ने कहा, ‘‘हम अदालत जाने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।’’

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज खान ने कहा, ‘‘पिछले साल चुनाव से पहले भी हमने कहा था कि चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए वीवीपैट लगाइए और सीसीटीवी लगाइए। लेकिन हमारी नहीं सुनी गई। पिछले साल हम तीन पद पर जीत गए थे, लेकिन घोषणा कर दी गई कि हम संयुक्त सचिव पद हार गए। हमने इसके खिलाफ पूरी कोशिश की, लेकिन हमारी नहीं सुनी गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हमने फिर से वीवीपैट और सीसीटीवी का आग्रह किया। लेकिन फिर वही हुआ। हमारे अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को हरा दिया गया।’’

इस बार के डुसू चुनाव में भाजपा से जुड़ी एबीवीपी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पदों पर जीती है। एनएसयूआई के खाते में सचिव पद गया है।


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