Home राजनीति राष्ट्रीय दल प. बंगाल में प्रचार पर रोक को मायावती ने बताया खतरनाक, कहा- दबाव में काम कर रहा चुनाव आयोग

प. बंगाल में प्रचार पर रोक को मायावती ने बताया खतरनाक, कहा- दबाव में काम कर रहा चुनाव आयोग

आउटलुक टीम - MAY 16 , 2019
प. बंगाल में प्रचार पर रोक को मायावती ने बताया खतरनाक, कहा- दबाव में काम कर रहा चुनाव आयोग
प. बंगाल में प्रचार पर रोक को मायावती ने कहा- खतरनाक, कांग्रेस ने बताया 'लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन'
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लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के प्रचार पर पश्चिम बंगाल में बैन लगाने के चुनाव आयोग के कदम पर टीएमसी और कांग्रेस के बाद बहुजन समाज पार्टी ने निशाना साधा है। बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बंगाल में प्रधानमंत्री मोदी की दो रैलियां हैं, प्रचार पर सुबह से क्यों नहीं बैन लगाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को एक साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त के रहते हुये इस बार का लोकसभा चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं है। इससे हमारे लोकतंत्र को भारी नुकसान पहुंच रहा है और यह अति निंदनीय तथा शर्मनाक भी है। चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के दबाव में पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार बंद कर दिया।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि यह साफ है कि पीएम मोदी, अमित शाह और उनके नेता ममता बनर्जी को निशाना बना रहे हैं। यह एक बहुत ही खतरनाक और अन्यायपूर्ण प्रवृत्ति है और जो देश के पीएम को शोभा नहीं देता।

प्रतिबंध आज सुबह से क्यों नहीं?’

मायावती ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है, लेकिन आज रात 10 बजे से पहले सिर्फ पीएम की दिन में दो रैलियां हैं। अगर उन्हें प्रतिबंध लगाना था तो आज सुबह से क्यों नहीं? यह अनुचित है और चुनाव आयोग दबाव में काम कर रहा है।

कांग्रेस ने पूछा-मोदी की रैलियों को अनुमति क्यों?

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में आज काला दिन है। पश्चिम बंगाल पर चुनाव आयोग के आदेश में अनुच्छेद 14 और 21 के अंतर्गत जरूरी प्रक्रिया का अनुपालन नहीं हुआ है और आयोग ने सबको समान अवसर देने के संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन भी नहीं किया. यह संविधान के साथ किया अक्षम्य विश्वासघात है।

उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग में 11 शिकायतें की हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा के द्वारा हिंसा की गई और अमित शाह द्वारा धमकाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मोदी जी को 16 मई को रैलियों की अनुमति दी गई और दूसरे सभी लोगों को प्रतिबंधित कर दिया गया। कभी एक स्वतंत्र संवैधानिक इकाई रही संस्था में शर्मनाक गिरावट है।”

वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि यदि बंगाल में स्थिति इतनी ही खराब है तो चुनाव प्रचार रोक दिया जाना चाहिए। चुनाव आयोग कल तक का इंतजार क्यों कर रहा है? क्या इसलिए ऐसा किया जा रहा है कि कल प्रधानमंत्री की रैलियां होनी हैं? क्या यह अप्रत्याशित नहीं है कि चुनाव आयोग यह दावा कर रहा है कि पश्चिम बंगाल में यह अप्रत्याशित परिस्थिति है, लेकिन वह फिर भी प्रधानमंत्री की चुनावी सभाएं संपन्न होने का इंतजार कर रहा है?'

चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को दिया तोहफा: ममता 

टीएमसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि यह आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तोहफा दिया है जो ‘अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक' है। ममता ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इस तरह का चुनाव आयोग नहीं देखा जो ‘आरएसएस के लोगों से भरा पड़ा' है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की ऐसी कोई समस्या नहीं है कि अनुच्छेद 324 लागू किया जाए। यह अभूतपूर्व, असंवैधानिक और अनैतिक है।

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