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नया साल शुरू होने से पहले महाराष्ट्र को मिलनी चाहिए सरकार: अजीत पवार

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक पार्टियों में माथापच्ची अब भी...
नया साल शुरू होने से पहले महाराष्ट्र को मिलनी चाहिए सरकार: अजीत पवार

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक पार्टियों में माथापच्ची अब भी जारी है। अब एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा है कि नया साल शुरू होने से पहले महाराष्ट्र को सरकार मिलनी चाहिए। साथ ही पवार ने कहा कि गठबंधन को लेकर उनकी पार्टी पहले अपने सहयोगी कांग्रेस के साथ आमराय बनाएगी फिर शिवसेना के साथ चर्चा करेगी।

एनसीपी की बैठक के बाद अजीत पवार ने कहा कि बैठक में आज उनकी पार्टी के सभी विधायकों ने कहा कि सरकार का गठन जल्द से जल्द होना चाहिए। यहां तक कि उन्हें भी लगता है कि नया साल शुरू होने से पहले महाराष्ट्र को सरकार मिलनी चाहिए।

पवार ने कहा, “आज हमारे नेता जयंत पाटिल पार्टियों के बीच आगे की चर्चा के लिए बालासाहेब थोराट (महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष) को बुलाएंगे और उनसे चर्चा करेंगे।”

एनसीपी ने राज्य में वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए आज यहां एक कोर समिति की बैठक की। बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले, अजीत पवार और जयंत पाटिल मौजूद रहे।

शिवसेना पर क्या बोले पवार

पवार ने शिवसेना से चर्चा के मुद्दे पर कहा कि जहां तक शिवसेना की बात है तो, वे गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला लेंगे। पवार ने कहा, “क्योंकि हमारे पास एक आम घोषणा पत्र था। शिवसेना का घोषणापत्र अलग था, इसलिए हम पहले कांग्रेस के साथ एक समझ बनाएंगे और उसके बाद शिवसेना पर चर्चा करेंगे।”

कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर करेंगे चर्चा

पवार ने कहा, "हम कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा करेंगे और पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण, विजय वद्देतिवार, बालासाहेब थोराट और अन्य नेताओं के साथ भी चर्चा करेंगे...”

प्रदेश में राष्ट्रपति शासन

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की मंजूरी के बाद महाराष्ट्र मंगलवार को राष्ट्रपति शासन के अधीन आ गया। राज्यपाल ने भाजपा, शिवसेना और राकांपा के साथ सरकार बनाने पर राज्य में राजनीतिक गतिरोध के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी। तीनों पार्टिया राज्य में सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में असमर्थ रहीं।

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