Advertisement

शिरोमणि अकाली दल का यू-टर्न, दिल्ली चुनाव में भाजपा को दिया समर्थन

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने  सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल को मनाने में कामयाब हो गई है।...
शिरोमणि अकाली दल का यू-टर्न, दिल्ली चुनाव में भाजपा को दिया समर्थन

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने  सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल को मनाने में कामयाब हो गई है। सीएए के मुद्दे पर दिल्ली चुनाव में अभी तक भाजपा से अलग रही अकाली दल ने आखिर अपना समर्थन दे ही दिया। आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के बीच मुलाकात के बाद मतभेद दूर हो गए। 

नड्डा और बादल ने प्रेस कांफ्रेंस में इसका एलान किया। नड्डा ने कहा कि मोदी के हाथ मजबूत करने के लिए दोनों दल साथ हैं। दिल्ली में सिखों का हमें समर्थन मिलेगा। भाजपा ने दिल्ली में सिख भाइयों के लिए हरसंभव काम किया है। चाहे वो सिख दंगों की फाइल दोबारा खुलवाने का मामला हो। मैं सुखबीर सिंह बादल का आभार जताता हूं।

राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक गठबंधन

वहीं, सुखबीर बादल ने कहा कि हमारा राजनीतिक गठबंधन नहीं, बल्कि भावनाओं से बंधा हुआ गठबंधन है। ये गठबंधन शांति, भविष्य और पंजाब व देश की भलाई के लिए है। कुछ गलतफहमियां थीं जिन्हें आपसी सहमति से दूर कर लिया गया है। इससे पहले अकाली दल ने सीएए मुद्दे पर मोदी सरकार से विरोध जताते हुए चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया था।

सीएए को लेकर उभरे थे अलग

पार्टी के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा था कि हमने टिकट या सीट को लेकर नहीं बल्कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन पहले की तरह चलता रहेगा, लेकिन हम दिल्ली का चुनाव नहीं लड़ेंगे। बता दें कि दोनों दल पंजाब में साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं और अकाली दल एनडीए का महत्वपूर्ण सहयोगी भी है। ऐसे में दिल्ली चुनाव से अकाली दल की दूरी ने कई सवालों को जन्म दिया था, लेकिन आज फिर बीजेपी ने अकाली दल को मनाकर सभी सवालों पर विराम लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस गठबंधन से वे सिख और पंजाबी वोट पाने में कामयाब हो पाते है या नहीं।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad