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हरियाणा और हिमाचल में चला मोदी मैजिक लेकिन पंजाब में रहा गायब

पूरे देश के साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की लोकसभा सीटों पर भारी जीत दर्ज करती भारतीय जनता...
हरियाणा और हिमाचल में चला मोदी मैजिक लेकिन पंजाब में रहा गायब

पूरे देश के साथ हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की लोकसभा सीटों पर भारी जीत दर्ज करती भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए मोदी मैजिक चल गया। वहीं, पंजाब में यह मैजिक नहीं चल पाया। पंजाब में हालांकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदंर सिंह सभी 13 सीटों पर जीत का दावा कर रहे थे पर आउटलुक ने पिछले अंक की अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में भी संकेत दिया था कि पंजाब में कांग्रेस 13 में से 8 सीटों पर जीत दर्ज कर सकती है। ठीक उसी अनुमान पर पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से 8 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की जबकि शिरोमणि अकाली दल (शिअद)-भाजपा गठबंधन 4 सीटों पर सिमट गया। जबकि 2014 के चुनाव में गठबंधन के पाले में 6 सीटें थी।

वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) एक सीट के साथ देशभर में अपना अस्तित्व पंजाब की संगरुर सीट जीत कर बचा पाई है। हरियाणा की 10 में से 9 सीटों पर भारी अंतर से बढ़त बनाकर भाजपा ने टक्कर में रही कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों को सूपड़ा साफ कर दिया। रोहतक सीट पर कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा व भाजपा के अरविंद शर्मा के बीच कांटे की टक्कर के चलते किसी की भी जीत का अंतर बहुत मामूली हो सकता है। सोनीपत से करीब डेढ़ लाख वाटों से हारने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने स्वीकार किया कि मोदी मैजिक के चलते हरियाणा में कांग्रेस की इतनी बुरी हार हुई है। इधर हिमाचल में चारों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों की जीत का अंतर डेढ़ से ढाई लाख के बीच है जिसे ऐतिहासिक माना जा रहा है। यूटी चंडीगढ़ की सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर के चलते भाजपा की उम्मीदवार किरण खेर व कांग्रेस के पवन बंसल के बीच कांटे की टक्कर है।

पंजाब में भले ही कैप्टन अमरिदंर सिंह सरकार अपने दो साल के कार्यकाल में चुनावी वादे पूरे नहीं कर पाई है पर उसे अकाली दल और आप में टूट का फायदा मिला है। सीमांत राज्य होते हुए पंजाब के मतदाताओं ने पुलवामा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक के नाम पर भाजपा के राष्ट्रवाद के नारे के बीच मोदी मैजिक को नकारा है। पंजाब में भी पूरे देश की तरह मोदी मैजिक का दावा करने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक दो सीटों पर ही जीत की खुशी में कहते हैं कि गुरदासपुर में सन्नी देयोल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ को हराकर पूरा प्रदेश जीत लिया है। इधर 13 सीटों पर जीत के दावे के उलट 8 सीटों पर कांग्रेस की जीत पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि उन्हें सुनील जाखड़ की हार का दुख है। गुरदासपुर की जनता ने विकास कार्यों की बजाय एक फिल्मी एक्टर को चुना है। बठिंडा सीट पर 21,000 वोटों से शिअद की जीत को अकाली दल से टक्कर बताते हुए कैप्टन ने कहा कि चुनाव से दो दिन पहले बठिंडा में हुई रैली में उनके कैबिनेट मंत्री ने सरकार व मुख्यमंत्री पर जो सवाल उठाए उसके कारण अकाली दल को बढ़त बनाने का मौका मिला वरना बठिंडा में हरसिमरत की हार तय थी।

हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री रहे तीनों लालों के वारिसों का इन चुनावों में एक तरह से सियासी खात्मा हो गया है। हिसार से भजन लाल के पौते भव्य बिश्नोई करारी हार के साथ तीसरे स्थान पर रहे हैं। वहीं भिवानी में बंसी लाल की पौती श्रुति चौधरी को भाजपा के धर्मवीर से एक लाख से भी अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा। हिसार में देवी लाल के पौते दुष्यंत चौटाला भले ही दूसरे स्थान पर रहे पर भाजपा के बृजेंद्र सिंह ने उन्हें करीब डेढ़ लाख मतों से हरा कर करारा जवाब दिया। परिवार की कलह में सियासी अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही इनेलो व उससे टूटकर चार महीने पहले बनी जेजेपी खाता भी नहीं खोल पाई। इन दोनों दलों से चुनावी मैदान में उतरे देवीलाल के तीनों पड़पोतों को भारी हार का सामना करना पड़ा।

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