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आचार संहिता को लेकर चुनाव आयोग ने राफेल पर लिखी किताब पर लगाई रोक

11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान होना है। इससे पहले आचार संहिता उल्लंघन के मामले...
आचार संहिता को लेकर चुनाव आयोग ने राफेल पर लिखी किताब पर लगाई रोक

11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान होना है। इससे पहले आचार संहिता उल्लंघन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। चुनाव आयोग के पास शिकायतें जा रही हैं। चुनाव आयोग कुछ मामलों में कार्रवाई कर रहा है, वहीं कुछ मामलों में वह ढीला रवैया भी दिखा रहा है।

इसी क्रम में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने चेन्नई में राफेल रक्षा सौदे पर लिखी गई एक तमिल किताब की रिलीज पर रोक लगा दी है। हालांकि 5 अप्रैल को रिलीज होने वाली पीएम मोदी की बायोपिक को लेकर विपक्षी दलों ने आयोग से शिकायत की थी लेकिन चुनाव आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना था। ‘मिशन शक्ति’ पर पीएम मोदी के संबोधन को लेकर भी कई दलों ने सवाल उठाए थे लेकिन चुनाव आयोग ने पीएम को क्लीन चिट दे दी थी।

किताब की 142 प्रतियां जब्त

वरिष्ठ पत्रकार और ‘द हिंदू’ के चेयरमैन एन राम आज एस विजयन द्वारा लिखी 'राफेल: दि स्कैम दैट रॉक्ड द नेशन'  नामक किताब का विमोचन करने वाले थे। एन राम खुद इस सौदे पर कई रिपोर्ट लिख चुके हैं।

एस विजयन की इस किताब की रिलीज के लिए प्रकाशकों (भारती प्रकाशन) ने एक स्कूल से संपर्क किया था लेकिन स्कूल ने चुनाव आयोग द्वारा दर्शाई गई आपत्ति का हवाला देते हुए अनुमति देने से मना कर दिया। इसके बाद भारती प्रकाशन ने अपने कार्यालय में यह कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया। लेकिन चुनाव अधिकारी वहां पहुंच गए और किताब की प्रतियां जब्त कर लीं। जानकारी के अनुसार, चुनाव अधिकारियों के एक उड़नदस्ते और पुलिस ने किताब की 142 प्रतियां जब्त कीं।

अदालत जाने के मूड में भारती प्रकाशन

भारती प्रकाशन अब वकीलों से बात कर अदालत जाने का मन बना रहा है। प्रकाशन के संपादक पीके राजन ने इसे पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा कि किताब की रिलीज आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि हम अदालत जाएंगे और किताब रिलीज करवा कर रहेंगे।

राजन ने कहा, 'यह किताब सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध जानकारियों पर आधारित है। हमने चुनाव पर कई किताबें प्रकाशित की हैं। पता नहीं अचानक से यह चुनाव आयोग और सरकार के लिए आपत्तिजनक कैसे हो गया? हम इस किताब को अपने यहां भी नहीं बेच सकते।'

राफेल को लेकर विपक्ष रहा है आक्रामक

राफेल को लेकर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रही है। कांग्रेस ने राफेल को प्रमुख मुद्दा बनाया है और हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को इसी मुद्दे पर घेर रही है चाहे वह संसद हो या फिर सड़क। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी हर रैलियों और भाषणों में राफेल के मुद्दे को उठा रहे हैं।

राफेल को लेकर विपक्ष रहा है आक्रामक

राफेल को लेकर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ शुरू से ही आक्रमक रही है। कांग्रेस ने राफेल को प्रमुख मुद्दा बनाया है और हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को इसी मुद्दे पर घेर रही है चाहे वह संसद हो या फिर सड़क। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी हर रैलियों और भाषणों में राफेल के मुद्दे को उठा रहे हैं।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबानी के ‘बिचौलिए’ की तरह काम करने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाए थे। इसके साथ ही कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी यह वादा किया है कि सरकार आने पर वह राफेल समेत बीते पांच साल में हुए सभी सौदों की जांच कराएगी।

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