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पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर सपा-भाजपा में जुबानी जंग

शशिकांत जायसवाल - JUL 11 , 2018
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर सपा-भाजपा में जुबानी जंग
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर सपा-भाजपा में जुबानी जंग
अखिलेश यादव और महेंद्र पांडेय की फाइल फोटो।

उत्तर प्रदेश में लखनऊ से लेकर गाजीपुर तक बनने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार में 22 दिसंबर 2016 को जिस पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास हुआ था, उसका फिर शिलान्यास प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी है।

सपा सरकार में लखनऊ से बलिया बिहार बार्डर तक जाने वाले समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर तक सीमित कर दिया गया है। सपा की ओर से 2016 में किए गए शिलान्यास की फोटो भी जारी की गई है। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा है कि सपा-बसपा के विकास विरोधी एजेंडे से पूर्वांचल विकास की धारा से नहीं जुड़ सका।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा का यही चरित्र है कि अपनी कोई योजना देने के बजाय, वह समाजवादी योजनाओं से ‘समाजवादी‘ शब्द हटाकर हमारी खड़ी फसल कटाने की साजिश करती रहती है। समाजवादी सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए 50 फीसदी जमीन किसानों से उचित दर पर ली गई थी। किसानों ने सहयोग किया, इसके लिए उन्हें धन्यवाद। मौजूदा भाजपा सरकार में इस परियोजना को बार-बार लटकाया गया है। यहां तक कि एक बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेक्निकल बिड के नाम पर इसे निरस्त भी किया गया। भाजपा सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बनाने में जितने खेल कर सकती थी, करने पर उतारू है। एक्सप्रेस-वे के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया होने पर पहले से करीब दोगुनी कंपनिनियों को इसमें शामिल किया गया। 

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बढ़ी हुई निर्माण लागत के साथ जीएसटी की भी मार पड़ी है। इस योजना के लिए 8.30 प्रतिशत की दर से पीएनबी से 12 हजार करोड़ का कर्ज भी लिया गया है। इस पर लगने वाली जीएसटी से कीमत में वृद्धि के कारण जन साधारण को महंगा टोल देना होगा। कुछ ऐसा ही समाजवादी सरकार में शुरू हुई कानपुर मेट्रो परियोजना के साथ हुआ, जिसकी निर्माण-लागत भाजपा द्वारा अतिरिक्त जीएसटी लगाने से 104 करोड़ बढ़ गई थी। कानपुर मेट्रो परियोजना पर लगी जीएसटी की दर से इसकी तुलना की जाए तो इसकी कीमत एक हजार करोड से ज्यादा हो सकती है।

भाजपा सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट बदल दिया है। इससे किसान भाइयों के लिए बनने वाली मंडियां नहीं बनेंगी। इससे दूध, फल, सब्जी उत्पादक किसान प्रभावित होंगे।

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ़. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव पूर्व संकल्प पत्र में जनता से किए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा योगी सरकार द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के फैसले से पूर्वांचल के विकास के नए द्वार खुलेंगे। अनेक विकसित राज्यों की तरह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूर्वांचल में विकास के लिए नीव का पत्थर साबित होगा। 14 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण की आधारशिला पूरे पूर्वांचल के नवनिर्माण की आधारशिला साबित होगी।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य के पूरा होते ही पूरा इलाका विकास के पथ पर अग्रसर होकर मुख्यधारा में जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सपा-बसपा के सरकारों ने पूर्वांचल की जनता को जाति, धर्म, मजहब के नाम पर बांटकर झूठे प्रलोभन दिए और उन्हें हमेशा वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। जबकि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से पूर्वांचल के विकास के लिए योजनाओं को बनाया गया, किन्तु राज्य की पूर्ववर्ती सपा सरकार के विकास विरोधी ऐजेंडे के कारण पूर्वांचल की जनता विकास की धारा से नहीं जुड़ सकी। अब केंद्र और प्रदेश की मोदी-योगी की सरकार पूर्वांचल की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाकर उन्हें तेजी से लागू करने में जुटी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पूरे इलाके में उद्योग धंधे को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय नवयुवकों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। गांव, गरीब और किसान की खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।

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