Home राजनीति सामान्य पीएम मोदी का सपा-बसपा पर निशाना, इनकी फर्जी दोस्ती 23 मई को टूट जाएगी

पीएम मोदी का सपा-बसपा पर निशाना, इनकी फर्जी दोस्ती 23 मई को टूट जाएगी

आउटलुक टीम - APR 20 , 2019
पीएम मोदी का सपा-बसपा पर निशाना, इनकी फर्जी दोस्ती 23 मई को टूट जाएगी
यूपी में पीएम मोदी का सपा-बसपा पर निशाना, इनकी फर्जी दोस्ती 23 मई को टूट जाएगी
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आउटलुक टीम

उत्‍तर प्रदेश के एटा में गुरुवार को चुनावी रैली करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अखिलेश यादव और मायावती के गठबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि स्वार्थ की जो महामिलावट सपा-बसपा ने की थी, उसकी क्या हालत है, सब देख रहे हैं। चुनाव बाद उत्तर प्रदेश में दुश्‍मनी पार्ट-2 शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, 'कल तक ये दोनों दल एक-दूसरे का चेहरा नहीं देखना चाहते थे, आज इनके बीच फर्जी दोस्‍ती हो गई है। इनकी दोस्‍ती टूटने की तारीख भी तय है। मतगणना के दिन 23 मई को इनकी फर्जी दोस्‍ती टूट जाएगी। बुआ और बबुआ के बीच एक बार फिर दुश्‍मनी शुरू हो जाएगी।'

पीएम मोदी ने सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा, 'एक दोस्‍ती यूपी विधानसभा के चुनाव के समय भी हुई थी, चुनाव खत्‍म हुआ, दोस्‍ती भी खत्‍म हो गई, दुश्‍मनी में बदल गई। अब एक दोस्‍ती फिर हुई है, लेकिन इसके टूटने की तारीख भी तय है। आपको टूटने की तारीख बताऊं? 23 मई को ये फर्जी दोस्‍ती फिर से टूट जाएगी।'

'दलितों पर अत्‍याचार करने वालों के लिए ही वोट मांग रहीं माया'

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुआ के शासन में भ्रष्‍टाचार हुआ तो बबुआ के शासनकाल में दलितों पर जमकर अत्‍याचार हुआ। उन्‍होंने कहा, 'अब दलितों पर अत्याचार कौन करता था, मैं ये पूछ लूंगा तो बहन मायावती जी के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगी। उन्हें अपने ‘कठिन फैसले’ की फिर याद आ जाएगी। आखिर आज वोट भी तो उन्हीं अत्याचार करने वालों के लिए मांग रही हैं।'

'अपने बंगले पर था सारा ध्‍यान'

यूपी की ‌पिछली सपा सरकार पर हमला करते हुए मोदी ने कहा, 'देश के हर बेघर के पास अपना घर हो, हम इसके लिए निरंतर काम कर रहे हैं। लेकिन यहां यूपी में जो पहले सरकार थी, उसके रहनुमा, जो खुद को समाजवादी बताते हैं, लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने गरीबों के घर बनाने की चिंता नहीं की। चिंता करते भी तो कैसे, वह तो सारा ध्यान अपने बंगले पर दिए हुए थे। हम चिट्ठियां लिखते रहे कि जिन गरीबों के लिए घर बनवाने हैं, उसकी लिस्ट भेज दीजिए, लेकिन वह अपने बंगले को विदेशी टाइलों, विदेशी फर्नीचर से सजाने में जुटे थे। और हां, टोंटियां भी तो सुना है बहुत शानदार लगवाईं थीं।'

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