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झारखंड : उप चुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक कदम आगे

झारखंड के दुमका और बेरमो में उप चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है मगर मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन...
झारखंड : उप चुनाव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक कदम आगे

झारखंड के दुमका और बेरमो में उप चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं हुई है मगर मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन दो-तीन दिनों का दुमका का चुनावी दौरा कर वहां की जनता के सामने चारा डाल जाये। करीब 135 करोड़ की योजनाओं का शिलान्‍यास, उद्घाटन और परिसम्‍पत्तियों का वितरण कर आये। यात्रा के क्रम में घरेलू विवाद पर भी पानी डाला।
 
दुमका हेमंत सोरेन का गृह जिला है और यहां से छोटे भाई बसंत सोरेन को मैदान में उतारने की तैयारी है। बेरमो में भी कांग्रेस के प्रदेश अध्‍यक्ष रामेश्‍वर उरांव अपनी टीम के साथ इसी सप्‍ताह दौरा कर आये हैं। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता, राजेंद्र सिंह की मौत के बाद यह सीट खाली हुई है। यहां से भी राजेंद्र सिंह के पुत्र को लड़ाने की तैयारी है। महागठबंधन की ओर से दोनों सीटों को लेकर तस्‍वीर साफ है मगर भाजपा गठबंधन अभी तक खामोश है। हेमंत सोरेन के दौरे के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी तीन दिवसीय दौरे पर इसी माह के अंत में दुमका जाने वाले हैं।
 
दुमका और बरहैट दोनों विधानसभा सीट से हेमंत जीते थे मगर दुमका से त्‍यागपत्र दे दिया, उसी पर बिहार चुनाव के साथ उप चुनाव होना है। करीब छह माह के बाद मुख्‍यमंत्री दुमका गये थे, कोरोना भी इसकी बड़ी वजह रही। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि मेरी यात्रा का मकसद उप चुनाव नहीं है। हालांकि उन्‍होंने सिर्फ दुमका विधानसभा क्षेत्र में ही भ्रमण किया। मसलिया प्रखंड के चार और दुमका प्रखंड के तीन गांवों में अधिकारियों की टीम के साथ जा ''सरकार आपके द्वार'' कार्यक्रम का आयोजन किया तो दुमका में ही वहां के एक सौ प्रबुद्ध नागरिकों के साथ विमर्श किया।
 
यहीं के इंडोर स्‍टेडियम में सिंचाई, सड़क, पेयजल योजना आदि का शिलान्‍यास, उद्धाटन किया। बोले कोरोना से बचकर रहना है। हो सकता है लौटने के बाद मुझे भी हो जाये। कोरोना के कारण जनता की पीड़ा को देखते हुए ही उनकी परेशानियों को कम करने आया हूं। कोरोना काल में झारखंड की जनता को की गई मदद की चर्चा कर उन्‍हें मोहने की कोशिश के बाद झारखंड की उपेक्षा को लेकर उन्‍होंने केंद्र पर भी प्रहार किया। कहा कि कोल इंडिया ने आजादी के बाद से जमीन के एवज में पैसा नहीं दिया था। करीब 30-40 हजार करोड़ का बकाया है। हाल में लड़कर 250 करोड़ रुपये हमने लिया है। शेष राशि के लिए केंद्र से मांग की जायेगी। कड़ा रुख अपनाया जायेगा। जरूरत पड़ी तो कानूनी मदद लेंगे।
 
हेमंत की भाभी जामा से झामुमो की विधायक हैं मगर हाल के दिनों में उनका रवैया विपक्षी सदस्‍य की भांति बड़ा आक्रामक रहा। काम-काज, संगठन दोनों मोर्चे पर उन्‍होंने हेमंत सरकार को आड़े हाथों लिया। संगठन के विवाद को लेकर झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के नाम खुला पत्र की लिखा। विपक्षी, घर के इस विवाद को दूसरी नजर से देख रहे थे, हवा देने की भी कोशिश हो रही थी। अपने दौरे के क्रम में हेमंत घर ही आग पर भी पानी डाल आये। पत्रकारों के सवाल पर  कहा कि सीता सोरेन की शिकायत, पार्टी संगठन से जुड़ा मामला है। पार्टी फोरम पर चर्चा कर इसका समाधान किया जाएगा।
 
जिस तरह पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होतीं, पार्टी में भी कमोबेश वही बात है। लगता है इसका असर हुआ। दुमका मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल में ऑपरेशन थिएटर एवं अल्‍ट्रा साउंड यूनिट के लोकार्पण संबंधी हेमंत के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए सीता सोरेन ने लिखा कि अब दुमका जिले के लोगों को बेहर स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं अपने शहर में ही उपलब्‍ध हो पायेगी। पहले छोटी-छोटी बीमारियों के लिए लोगों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब उम्‍मीद, विश्‍वास के साथ भरोसा है माननीय मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन के सराहनीय कदम से दुमका में स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा दृढ़ होगी। वहीं एक अन्‍य ट्वीट में एक वृद्धा की पेंशन मसले पर डीसी द्वारा एक्‍शन लिये जाने पर भी ट्वीट कर धन्‍यवाद दिया है। बहरहाल अब उप चुनाव को लेकर गतिविधियां जोर पकड़ने वाली है।

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