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मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को बताया तबाही, जेटली बोले- इससे पटरी पर लौटी अर्थव्यवस्था

NOV 08 , 2018

आज यानी गुरुवार को नोटबंदी के दो साल पूरे हो गए। आज ठीक दो साल पहले मोदी सरकार ने 1000 और 500 के नोट बंद कर दिए थे। पीएम मोदी ने 8 नवंबर, 2016 रात 8 बजे दूरदर्शन के जरिए देश को संबोधित करते हुए 500 और 1000 के नोट बंद करने का ऐलान किया था। उनका दावा था कि नोटबंदी के बाद कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। साथ ही, उन्होंने इसे कैशलेस (नकदी रहित) अर्थव्यवस्था और डिजिटल सोसायटी की तरफ एक बड़ा कदम बताया था।

राहुल गांधी आरबीआई मुख्यालय के बाहर करेंगे प्रदर्शन

केंद्र की मोदी सरकार जहां नोटबंदी के फैसले को बड़ी उपलब्धि बताती रही है, तो विपक्ष इसे आर्थिक आपदा बताता रहा है। नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए माफी मांगने की मांग की है। कई कांग्रेस नेताओं ने ट्वीट कर नोटबंदी पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही कहा है कि नोटबंदी के दो साल पूरा होने को लेकर पार्टी सरकार के इस फैसले के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करेगी। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी भी आरबीआई मुख्यालय के बाहर विरोध जताएंगे। 

'नोटबंदी के जख्म-दिन-ब दिन और गहराते जा रहे हैं'

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पूर्व पीएम ने मोदी सरकार द्वारा उठाए गए नोटबंदी के कदम को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस कदम से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था और समाज में जो बर्बादी हुई, उसके सबूत आज सभी के सामने हैं।

'मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए'

सिंह ने एक बयान में यह भी कहा कि मोदी सरकार को अब ऐसा कोई आर्थिक कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे अर्थव्यवस्था के संदर्भ में अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो। उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी सरकार ने 2016 में त्रुटिपूर्ण ढंग से और सही तरीके से विचार किए बिना नोटबंदी का कदम उठाया था। आज उसके दो साल पूरे हो गए। 

मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को 'बीमार सोच' वाला और 'मनहूस' कदम करार दिया

उन्होंने इसे 'बीमार सोच' वाला और 'मनहूस' कदम करार दिया है। मनमोहन सिंह ने कहा, 'नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो कहर बरपा, वह अब सबके सामने है। नोटबंदी ने हर व्यक्ति को प्रभावित किया, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, पेशा या संप्रदाय का हो। अक्सर कहा जाता है कि वक्त सभी जख्मों को भर देता है लेकिन नोटबंदी के जख्म-दिन-ब दिन और गहराते जा रहे हैं।'

नोटबंदी के कारण रुपये का स्तर गिरा है: पूर्व प्रधानमंत्री 

मनमोहन सिंह ने कहा, नोटबंदी से जीडीपी में गिरावट तो दर्ज हुई ही, उसके और भी असर देखे जा रहे हैं। छोटे और मंझोले धंधे भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं जिसे नोटबंदी ने पूरी तरह से तोड़ दिया। अर्थव्यवस्था लगातार जूझती जान पड़ रही है जिसका बुरा असर रोजगार पर पड़ रहा है। युवाओं को नौकरियां नहीं मिल पा रहीं। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दिए जाने वाले कर्ज और बैंकों की गैर-वित्तीय सेवाओं पर भी काफी बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के कारण रुपए का स्तर गिरा है जिससे मैक्रो-इकोनॉमी भी काफी प्रभावित हुई है।

नोटबंदी के फैसले से पटरी पर लौटी अर्थव्यवस्था: जेटली

वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक ब्लॉग लिखकर नोटबंदी की उपलब्धियां गिनाईं हैं। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली का कहना है कि इसके जरिए सरकार ने देश के बाहर जमा हुए काले धन को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, 'नोटबंदी भारत सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय था। सरकार ने इसके जरिए देश से बाहर मौजूद कालेधन को निशाना बनाया। संपत्ति धारकों से कहा गया कि वह दंड का भुगतान करके उस पैसे को वापस लेकर आएं। 

जेटली ने कहा, 'जो लोग कालेधन को वापस लाने में असफल रहे उनपर काला धन अधिनियम के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है। उन सभी खातों और संपत्तियों की जानकारी सरकार के पास पहुंची और फिर उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई। नोटबंदी की वजह से लोगों को कैश बैंक में जमा करने पर मजबूर होना पड़ा। जमा किए गए नकद की विशालता और मालिक की पहचान किए जाने के परिणामस्वरूप 17.42 लाख खाता धारक संदिग्ध मिले। जिनसे बिना किसी सख्ती के ऑनलाइन माध्यम से प्रतिक्रिया प्राप्त हुईं। 

अरुण जेटली ने आगे कहा, 'उल्लंघन करने वालो को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा। बैंकों में जमा हुई बड़ी राशियों की वजह से बैंक की उधार देने की क्षमता में सुधार हुआ। इसमें से बहुत सी राशि को आगे के निवेश के लिए म्यूचुअल फंड्स में लगाया गया। यह औपचारिक प्रणाली का हिस्सा बन गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में व्यक्तिगत आयकर पिछले साल की तुलना में 20.2 प्रतिशत ज्यादा रहा। वहीं कॉर्पोरेट कर संग्रह 19.5 प्रतिशत ज्यादा रहा। नोटबंदी से दो साल पहले प्रत्यक्ष कर संग्रह में क्रमशः 6.6 और 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई।' जेटली के मुताबाकि नोटबंदी से ब्लैक मनी पर लगाम लगी है साथ ही टैक्स का दायरा भी बढ़ा है। 

न काले धन पर लगी लगामनकली मुद्रा-टेरर फंडिंग जारी है: कांग्रेस

नोटबंदी की यह घोषणा उसी दिन आधी रात से लागू हो गई। इससे कुछ दिन देश में अफरातफरी का माहौल रहा और बैंकों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। बाद में 500 और 2000 के नए नोट जारी किए गए। कांग्रेस ने नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर एक के बाद एक हैशटैग नोटबंदी की बरसी से कई ट्वीट किए।

पीएम मोदी के नोटबंदी स्टंट ने ली 105 जानें: कांग्रेस

नोटबंदी की देश को कितनी कीमत चुकानी पड़ी, इसको ट्वीट से बताते हुए कांग्रेस ने कहा, नोटबंदी ने 3.5 मिलियन(35 लाख) नौकरियां छीनीं, 15 मिलियन(1.5 करोड़) श्रम बल का नुकसान किया और देश की जीडीपी को 1.5 प्रतिशत का नुकसान। आठ हजार करोड़ नोटों की छपाई पर खर्च हुए। वहीं, पीएम मोदी के नोटबंदी स्टंट ने 105 जानें लीं।

एक अन्य ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा, न काले धन पर लगी लगाम, नकली मुद्रा-टेरर फंडिंग जारी है। नोटबंदी का सच जनता ने जाना, भुगतान की अब तुम्हारी बारी है। कांग्रेस ने लिखा, नोटबंदी से मोदी जी ने, किया ये गड़बड़झाला। सौ से ज्यादा परिवारों में, अंधकार कर डाला।

नोटबंदी के दो साल पूरा होने पर कांग्रेस करेगी राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन

कांग्रेस ने कहा कि नोटबंदी के दो साल होने पर वह शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को बर्बाद और तहस-नहस करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोगों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि दो साल पहले नोटबंदी के तुगलकी फरमान से देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह तबाह करने के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे।

कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता लेंगे इस प्रदर्शन में हिस्सा 

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि दो साल पहले आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए तकरीबन 16.99 लाख करोड़ रुपये मूल्य की मुद्रा को चलन से बाहर कर दिया। उस तुगलकी फरमान के लिए तीन कारण दिए गए थे कि इससे काले धन पर रोक लगेगी, जाली मुद्रा बाहर होगी और आतंकवाद को वित्तीय सहायता मिलनी बंद हो जाएगी लेकिन दो साल बाद इनमें से कोई लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।

मनीष तिवारी ने कहा कि आज भारतीय अर्थव्यवस्था में आठ नवंबर 2016 की तुलना में चलन में ज्यादा नकदी है। कांग्रेस आठ नवंबर 2018 को मांग करेगी कि भारतीय अर्थव्यस्था को बर्बाद तथा तहस-नहस करने के लिए प्रधानमंत्री को देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे, उन्होंने कहा कि सभी नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।

दो साल पहले आज के दिन PM मोदी ने गलत और संवेदनशील फैसला लिया था: आनंद शर्मा

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने नोटबंदी के 2 साल पूरे होने पर कहा- दो वर्ष पहले आज के दिन पीएम मोदी ने गलत और संवेदनशील फैसला लिया था। उसके बाद जो कुछ भी देश में हुआ उन सभी चीजों के लिए पीएम जिम्मेदार है।

नोटबंदी के फैसले से 15 लाख लोगों की नौकरी गई, 100 लोग जान से हाथ धो बैठे: थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट कर नोटबंदी की 'कीमत' समझाई है। थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया है। थरूर के मुताबिक, नोटबंदी के कारण नए नोट छापने पर 8 हजार करोड़ रुपये का खर्च आया, 15 लाख लोगों की नौकरी गई, 100 लोग जान से हाथ धो बैठे और जीडीपी में डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

ममता बनर्जी ने नोटबंदी के दिन को 'काला दिवस' करार दिया

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नोटबंदी के दिन को 'काला दिवस' करार दिया है। बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने काफी कड़े शब्दों में नोटबंदी की आलोचना की है। ममता ने ट्वीट में लिखा, 'काला दिन। सरकार ने नोटबंदी जैसा बड़ा घोटाला कर देश के लोगों को धोखा दिया है। इसने अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी। जिन लोगों ने नोटबंदी की, लोग उन्हें जरूर सजा देंगे।'

'नरेंद्र मोदी की संवेदनहीनता ने लाखों लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी'

एआईएमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी नोटबंदी को लेकर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि नरेंद्र मोदी की संवेदनहीनता ने लाखों लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी। ओवैसी ने लिखा, '2019 में वो (मोदी) हमें नोटबंदी भूलने के लिए कहेंगे, ठीक वैसे ही जैसे गुजरात 2002 के दंगे भूलने की बात कही थी लेकिन हम भूले नहीं।'

देश की अर्थव्यवस्था के लिए नोटबंदी ‘गहरा आघात’: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी के दो साल पूरा होने पर गुरुवार को मोदी सरकार के इस कदम पर सवालिया निशान लगाते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए ‘गहरा आघात’ करार दिया।केजरीवाल ने कहा, ‘मोदी सरकार के वित्तीय घोटालों की सूची अंतहीन है, नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गहरे घाव की तरह है। दो साल पूरा होने के बाद भी यह रहस्य बना हुआ है कि देश को इस आपदा में क्यों धकेला गया था।’ 

नोटबंदी के फैसले से लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है विपक्ष

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने 8 नवंबर, 2016 को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का ऐलान किया था। 8 नवंबर की रात से ये पुराने नोट बंद हो गए थे। नोटबंदी के बाद से ही लगातार आरबीआई ने नोटों की गिनती करने में लगी हुई थी। नोटबंदी को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहा है। मोदी सरकार ने कालाधन पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी की घोषणा की थी।

 

 

 

 

 

 


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